खुले नाले में गिरा नंदी (सोर्स- फोटो नवभारत)
मथुरा

जन्माष्टमी से पहले मथुरा में बड़ी लापरवाही; खुले नाले में गिरा नंदी, एक घंटे की मशक्कत के बाद बची जान

Mathura Sanitation System: जन्माष्टमी से पहले मथुरा में बड़ी लापरवाही..मंडी चौराहा-सौंख रोड पर नंदी खुले नाले में गिर गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद JCB की मदद से नंदी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

मोहन श्याम शर्मा, स्निग्धा श्रीवास्तव

The Issue Of Open Drains In Mathura: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जहां मथुरा शहर को सजाने-संवारने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, वहीं शहर की जमीनी व्यवस्था की तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। रविवार को मंडी चौराहा-सौंख रोड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक नंदी अचानक खुले नाले में जा गिरा।

नंदी के नाले में गिरने की सूचना मिलते ही आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। नंदी को बाहर निकालने के लिए लोगों ने काफी प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी की मदद से नंदी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।

नगर निगम की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने जन्माष्टमी से पहले मथुरा-वृंदावन नगर निगम की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर नगर निगम शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों को सजाने-संवारने में जुटा है। जन्माष्टमी से पहले अवैध होर्डिंग और बैनर हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को शहर का बेहतर स्वरूप नजर आए।

लेकिन दूसरी ओर मंडी चौराहा-सौंख रोड जैसे प्रमुख मार्ग पर खुले नाले लोगों और गोवंश के लिए खतरा बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खुले नालों में आए दिन गोवंश के गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब जन्माष्टमी पर लाखों श्रद्धालुओं के मथुरा पहुंचने की उम्मीद है, तो खुले नालों और नालियों को सुरक्षित करने की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही?

यहां नगर निगम पहले भी कर चुका है अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई

गौरतलब है कि मंडी चौराहा और सौंख रोड क्षेत्र में नगर निगम पहले भी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। नालों के ऊपर बनी अस्थायी दुकानों को भी हटाया गया था। बावजूद इसके खुले नाले आज भी बड़ी समस्या बने हुए हैं।

जन्माष्टमी पर शहर को सजाने के साथ-साथ यदि नगर निगम खुले नालों को ढकने और उनकी नियमित सफाई पर भी ध्यान दे, तो श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों और गोवंश की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकती है।

अब सवाल यही है- क्या नगर निगम किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या जन्माष्टमी से पहले इन खुले नालों को सुरक्षित किया जाएगा।

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