कर्मचारियों को 30 दिन का दिवाली बोनस देने की मंजूरी
दैनिक वेतनभोगियों को भी मिलेगा दीवाली बोनस
बोनस की 75 प्रतिशत राशि पीएफ खाते में जमा होगी
UP Employees Diwali Bonus: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस देने की मंजूरी दे दी है। इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये बोनस मिलेगा।
सरकार के इस फैसले का लाभ पूर्णकालिक अराजपत्रित राज्य कर्मचारियों के साथ सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों और सरकारी विभागों में काम करने वाले पात्र कर्मचारियों को मिलेगा।
शासनादेश के अनुसार, बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन 7,000 रुपये तय किया गया है। इसी आधार पर पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये बोनस दिया जाएगा।
इसका लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्होंने 31 मार्च 2026 तक लगातार एक साल की सेवा पूरी कर ली है। वेतन मैट्रिक्स के लेवल-8 तक के अराजपत्रित कर्मचारी इस योजना के दायरे में आएंगे।
योगी सरकार ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी बोनस देने का फैसला किया है। इसके लिए छह दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में कर्मचारियों का लगातार तीन साल तक काम करना जरूरी है। साथ ही हर साल कम से कम 240 दिन काम करने की शर्त रखी गई है।
वहीं, पांच दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में हर साल कम से कम 206 दिन काम करना अनिवार्य होगा। इन शर्तों को पूरा करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को अधिकतम 1,184 रुपये बोनस मिलेगा।
शासनादेश के मुताबिक, बोनस की कुल राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) खाते में जमा किया जाएगा, जबकि 25 प्रतिशत राशि नकद दी जाएगी।
जिन कर्मचारियों का पीएफ खाता नहीं है, उन्हें नियमानुसार राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) या सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) के माध्यम से यह राशि दी जाएगी।
वहीं, 31 मार्च 2026 के बाद सेवानिवृत्त हो चुके या 30 अप्रैल 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को बोनस की पूरी राशि नकद दी जाएगी।
यूपी सरकार ने बोनस के लिए कुछ शर्तें भी तय की हैं। शासनादेश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमे में दोषी पाए गए कर्मचारियों को बोनस नहीं दिया जाएगा।
जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई या आपराधिक मुकदमा लंबित है, उनका बोनस मामले का फैसला आने तक रोक दिया जाएगा। हालांकि, मामले में दोषमुक्त होने पर उन्हें नियमानुसार बोनस का भुगतान किया जाएगा।