मां चंद्रिका देवी मंदिर में भक्तों का तांता (सोर्स: नवभारत लाइव)
लखनऊ

Lucknow: अष्टमी पर मां चंद्रिका देवी धाम में उमड़ी भीड़, जलस्तर घटने पर खुले कपाट, दुकानदारों के खिले चेहरे

Lucknow Maa Chandrika Devi Shrine: जलभराव के बाद मां चंद्रिका देवी धाम के कपाट खुल गए। दूर-दराज से श्रद्धालुओं मां के दर्शन के लिए पहुँच रहे जिससे दुकानदारों को कारोबार पटरी पर लौटने की उम्मीद जगी है।

नमिता प्रजापति

Highlights:

  • श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है मां चंद्रिका देवी मंदिर

  • बहराइच, बलिया समेत कई जिलों से दर्शन को पहुंचे रहे भक्त

  • जलभराव से दुकानें और बिक्री हुईं थी प्रभावित

Chandrika Devi Dham Open Doors: शारदीय नवरात्रि की अष्टमी पर मां चंद्रिका देवी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। गोमती नदी का जलस्तर घटने के बाद मंदिर मार्ग से जलभराव दूर होने पर मंदिर के कपाट छठवें दिन मां कात्यायनी के दर्शन के साथ खोल दिए गए हैं। मंदिर में दर्शन शुरू होने से भक्तों में खुशी है, वहीं लंबे समय से प्रभावित कारोबार के फिर से चलने की उम्मीद में दुकानदार भी राहत महसूस कर रहे हैं।

दरअसल नवरात्रि के दौरान बाढ़ का पानी मंदिर मार्ग तक पहुंचने के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। जलभराव की स्थिति को देखते हुए मंदिर में दर्शन बंद रखने पड़े थे। इसके बाद गोमती का जलस्तर घटने और रास्ते से पानी हटने पर मंदिर परिसर और मार्ग की सफाई कराई गई। मंदिर समिति और प्रशासन की बैठक के बाद कपाट खोलने का फैसला लिया गया।

मंदिर में दर्शन शुरू होने के बाद बहराइच, बलिया समेत अन्य जिलों से भी श्रद्धालु मां के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। भक्त माता को चुनरी चढ़ा रहे हैं और प्रसाद अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

श्रद्धालुओं ने बताया माता का चमत्कार

इंदिरा नगर, लखनऊ से पहुंचे एक श्रद्धालु ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि गोमती का जलस्तर घटेगा और मां के दर्शन हो पाएंगे। उन्होंने इसे माता रानी की कृपा बताया। वहीं, दुकानदार श्याम सुंदर राठौर ने भी इसे माता का चमत्कार बताया।

दुकानदारों को कारोबार लौटने की उम्मीद

मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू होने से आसपास के दुकानदारों को भी राहत की उम्मीद है। जलभराव के चलते दुकानें प्रभावित हुई थीं और बिक्री पर भी असर पड़ा था। अब मंदिर खुलने के बाद प्रसाद, मिठाई, चुनरी और पूजा सामग्री की दुकानें फिर से सजने लगी हैं। दुकानदारों को उम्मीद है कि नवरात्रि के शेष दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से कारोबार को गति मिलेगी।

मंदिर समिति ने क्या बताया?

माता चंद्रिका देवी मेला विकास समिति के सदस्य राजेश कुमार सिंह चौहान ने बताया 16 अक्टूबर से कपाट आम श्रद्धालु के लिए खोल दिए गए और माता के दर्शन शुरू हो गए। उन्होंने बताया उसके एक दिन पहले प्रशासन और समिति की बैठक हुई उसके कपाट को खोले दर्शन को सुचारू रूप से चलाने का निर्णय लिया गया।

सुरक्षा और आवागमन पर भी ध्यान

श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर मार्ग पर व्यवस्था की गई है। बैरियर के पास वाहनों को रोककर लोगों को आगे पैदल जाने के लिए कहा जा रहा है। इससे मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते पर भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है।

लखनऊ शहर से कितनी दूर है मंदिर?

मां चंद्रिका देवी मंदिर लखनऊ शहर या चारबाग रेलवे स्टेशन से करीब 30 से 35 किलोमीटर दूर कठवारा क्षेत्र में गोमती नदी के तट के पास स्थित है। सड़क मार्ग से यहां पहुंचा जा सकता है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है।

मां चंद्रिका देवी मंदिर का धार्मिक महत्व

लखनऊ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल मां चंद्रिका देवी मंदिर को श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यह प्राचीन धाम महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, महाबली भीम के पौत्र बर्बरीक ने यहां मां चंद्रिका की तपस्या की थी। मंदिर के पास स्थित महीसागर तीर्थ का भी विशेष धार्मिक महत्व बताया जाता है। नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

रिपोर्ट: गोविंद पंत

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