उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में बस कुछ महीनों का वक्त बचा है। इससे पहले राज्या में सियासी लड़ाई तेज हो गई है। सभी पार्टियां एक-दूसरे पर वार-पलटवार कर रही हैं। इस बीच भाजपा में अंदरूनी खींचतान भी खुलकर सामने आती दिख रही है। 2017 में प्रचंड बहुमत के बाद CM पद की रेस में आगे दिख रहे केशव प्रसाद मौर्य को डिप्टी सीएम की कुर्सी से संतोष करना पड़ा था। इस बार चुनाव से पहले ही उन्होंने खुलकर मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा जाहिर कर दी है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि हो सकता है कि अगली बार आप मुख्यमंत्री के रूप में देखें या फिर किसी और रूप में देखें। उन्होंने कहा कि यह तो पार्टी तय करेगी, मेरी महत्वाकांक्षा से ही कुछ तय नहीं होगा। उन्होंने खुलकर कहा कि मेरी भी महत्वाकांक्षा है कि मैं मुख्यमंत्री बनूं, लेकिन मेरे चाहने से नहीं होगा।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मेरे पार्टी का नेतृत्व तय करेगा कि कौन क्या करेगा। उन्होंने फिलहाल 2027 में बहुमत से जीतने को अपना लश्क्ष्य बताया है। उन्होंने कहा कि इसके बाद विधायक दल तय करेगा और दिल्ली से आने वाले पर्यवेक्षक तय करेंगे कि कौन CM बनेगा।
केशव प्रसाद मौर्य ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में CM योगी के साथ मिलकर काम करने की बात भी कही। दोनों नेताओं के बीच प्रतिस्पर्धा को लेकर डिप्टी सीएम ने कहा कि हम लोग मिलकर काम कर रहे हैं। सीएम और डिप्टी सीएम मिलकर काम करते हैं और यही कारण है कि हम लगातार सत्ता में बने हुए हैं।
केशव प्रसाद मौर्य ने यह भी दावा किया कि विकसित भारत बनने तक राज्य में सपा और देश में कांग्रेस के हाथों में सत्ता नहीं जाएगी। केशव प्रसाद मौर्य ने आगे कहा कि हमारी सरकारी ने निष्पक्ष होकर काम किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने नौकरियां भी दी हैं तो हर वर्ग का ख्याल रखते हुए दी हैं।
केशव प्रसाद मौर्य ने इस दौरान विधानसभा चुनाव को लेकर भी दावा किया कि भाजपा को करीब 300 सीटें मिलेंगी। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव मुंगेरी लाल का हसीन सपना देख रहे हैं, जो चुनाव के बाद चूर-चूर हो जाएगा।