Event For One Lakh Women In Unnao: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में रविवार को एक बड़े रक्षाबन्धन महिला कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए आयोजन को रोक दिया। मामला भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के मानपुर का है, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं को एक कार्यक्रम के लिए बुलाए जाने की सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के लिए बड़ी भीड़ जुटाई जा रही थी, जबकि आयोजन की अनुमति को लेकर प्रशासन से आवश्यक स्वीकृति नहीं ली गई थी।
कार्यक्रम में करीब एक लाख महिलाओं को बुलाए जाने की बात सामने आई थी।इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्यक्रम को रुकवाया। प्रशासन की प्राथमिकता भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने की रही।
उन्नाव में रक्षाबन्धन कार्यक्रम रोकने के पीछे बरेली में हाल ही में सामने आई घटना को भी एक महत्वपूर्ण वजह माना जा रहा है। बरेली में रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में भारी भीड़ के कारण अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई थी।रिपोर्टों के अनुसार, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंची थीं और भीड़ के दबाव के बीच कई लोगों की तबीयत बिगड़ी। इस घटना में एक महिला की मौत की भी जानकारी सामने आई थी।
बरेली की घटना के बाद बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक अनुमति को लेकर सवाल उठे हैं। ऐसे में उन्नाव में भी जब बड़ी संख्या में महिलाओं को एक स्थान पर बुलाए जाने की सूचना मिली तो प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया।
उन्नाव के मानपुर क्षेत्र में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम को लेकर बताया जा रहा है कि आयोजक पुष्पेंद्र सिंह की ओर से बड़ी संख्या में रक्षाबन्धन कार्यक्रम पर महिलाओं को बुलाया गया था। हालांकि, कार्यक्रम के लिए प्रशासनिक अनुमति लिए जाने की पुष्टि नहीं हुई थी। इसी वजह से प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर आयोजन को रोकने की कार्रवाई की।
मानपुर में प्रस्तावित रक्षाबन्धन कार्यक्रम को लेकर सबसे अधिक चर्चा महिलाओं की संख्या को लेकर है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक करीब एक लाख महिलाओं को कार्यक्रम में बुलाए जाने की बात कही जा रही थी। यदि इतनी बड़ी संख्या में लोग एक ही स्थान पर पहुंचते हैं तो आयोजन स्थल की क्षमता, सुरक्षा इंतजाम और यातायात व्यवस्था की गंभीरता से समीक्षा करना आवश्यक हो जाता है।इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल, अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग, बैरिकेडिंग, मेडिकल टीम, एंबुलेंस तथा आपातकालीन व्यवस्था की जरूरत होती है।
इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल पर किसी भी तरह की अफरा-तफरी रोकने के लिए स्वयंसेवकों और प्रशिक्षित कर्मचारियों की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होती है।यही कारण है कि प्रशासन ने समय रहते कार्यक्रम को रोकने का निर्णय लिया, ताकि बरेली जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका को कम किया जा सके।
फिलहाल मुख्य सवाल यह है कि कार्यक्रम के आयोजकों ने अनुमति क्यों नहीं ली और इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को बुलाने से पहले प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। इन सवालों का जवाब जांच और प्रशासनिक स्तर पर सामने आने वाली जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगा।वहीं, प्रशासन की ओर से कार्यक्रम रोक दिए जाने के बाद अब क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया गया।