Bithoor Nagar Panchayat By-Election Result: पूर्व अध्यक्ष डॉ निर्मला सिंह के निधन के बाद खाली हुई बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद की सीट पर 13 अक्टूबर को उपचुनाव संपन्न कराया गया था,जिसका परिणाम आज घोषित हुआ। भाजपा प्रत्याशी राणा समरेंद्र सिंह और पूर्व अध्यक्ष डॉ निर्मला सिंह के बड़े बेटे ने इस सीट पर धमाकेदार जीत हासिल की। उन्होंने कहा बिठूर की जनता के आशीर्वाद से मां की विरासत को संभालेंगे और जिस तरह से बिठूर के लिए उनके परिवार ने हमेशा कार्य किया है इसी तरह वह बिठूर का विकास करेंगे।
वर्ष 2000 में हुए बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में डॉक्टर निर्मला सिंह ने अपनी ही देवरानी आशा सिंह को 2100 वोटो से हराकर इस सीट पर जीत हासिल की थी और यह जीत का सिलसिला कभी नहीं थमा। वह जब तक जीवित रहीं इस पद पर चुनाव जीत कर जिम्मेदारी संभालती रहीं। इस दौरान उन्होंने बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के साथ ही मां होने का भी फर्ज बखूबी निभाया और अपने बच्चों को काबिल बनाया उनके छोटे बेटे अभिजीत सिंह सांगा भारतीय जनता पार्टी से बिठूर विधानसभा सीट से ही विधायक हैं लेकिन जिस तरह डॉक्टर निर्मला सिंह ने अपनी जिम्मेदारी निभाई थी।
उसकी प्रशंसा आज भी बिठूर के लोग करते हैं।उनके निधन के बाद उनका कार्यकाल 13 महीने का बचा हुआ था जिसके चलते इस सीट पर उपचुनाव कराया गया। भारतीय जनता पार्टी ने डॉक्टर निर्मला सिंह की परंपरागत सीट पर उनके बड़े बेटे राणा समरेंद्र सिंह को भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतारा हालांकि राणा समरेंद्र सिंह के सामने 6 अन्य प्रत्याशी भी मैदान में थे। जिनमें कांग्रेस ही एक ऐसी पार्टी थी जिसने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा था।
समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पहले से ही बैकफुट पर थी और दोनों ही पार्टियों ने इस चुनाव में अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था हालांकि एक निर्दलीय प्रत्याशी आदर्श द्विवेदी विभु को पूर्व सपा विधायक मुनींद्र शुक्ला का समर्थन प्राप्त था। वह खुलकर उसके लिए वोट मांग रहे थे, लेकिन फिर भी बिठूर की जनता ने सभी को नकार दिया और इस पूरे मुकाबले में राणा समरेंद्र सिंह ने एकतरफा जीत हासिल करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी आदर्श द्विवेदी विभु को चुनाव में धूल चटा दी। अपनी मां की परंपरागत सीट पर विरासत संभालने के लिए जनता के बीच निर्वाचित होकर आ गए।
वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पूर्व बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष के उपचुनाव को बिठूर विधानसभा सीट का सेमीफाइनल कहा जा रहा था। क्योंकि जहां एक ओर भाजपा प्रत्याशी राणा समरेंद्र सिंह भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा के बड़े भाई हैं तो वहीं दूसरी ओर निर्दलीय प्रत्याशी आदर्श द्विवेदी विभु पूर्व सपा विधायक जो बिठूर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के प्रबल दावेदार भी हैं मुनेंद्र शुक्ला का भतीजा है।
ऐसे में मुनींद्र शुक्ला ने आदर्श द्विवेदी विभु को लड़ाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रखी थी। वहीं विधायक भी अपनी साख बरकरार रखना चाह रहे थे क्योंकि यह सीट उनकी मां की परंपरागत सीट थी। उनकी मां लगातार 25 वर्ष इस सीट पर नगर पंचायत अध्यक्ष रही थी।ऐसे जनता ने सेमीफाइनल में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी राणा समरेंद्र सिंह के सर जीत का सेहरा बांध कर आगामी विधानसभा चुनाव के परिणाम की ओर भी इशारा कर दिया है।
राणा समरेंद्र सिंह इस चुनाव में एक तरफा जीत हासिल करते हुए निकटतम प्रतिद्वंदी निर्दलीय प्रत्याशी आदर्श द्विवेदी उर्फ विभु को 2483 मतों के भारी अंतर से हराकर जीत हासिल की इस चुनाव में कांग्रेस समेत अन्य पांचो प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई।
भाजपा प्रत्याशी राणा समरेंद्र सिंह की जीत के बाद समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला समर्थकों ने ढोल नगाड़े पर जमकर डांस किया ।वहीं विधायक अभिजीत सिंह सांगा के घर के बाहर जमकर आतिशबाजी की गई।इस दौरान अधिवक्ता दिग्विजय सिंह राजावत, मनीष सिंह मन्नू ठाकुर,प्रांशु ठाकुर समेत हजारों की संख्या समर्थक मौजूद रहे।
प्रदीप कुमार द्विवेदी कांग्रेस: 49 वोट
राणा समरेंद्र सिंह भाजपा:4210 वोट
आदर्श द्विवेदी विभु निर्दलीय:1727 वोट
प्रदीप कुमार दिवाकर निर्दलीय :11 वोट
सरोज देवी निर्दलीय: 15 वोट
सीमा निर्दलीय :8 वोट
हर्ष कुमार द्विवेदी निर्दलीय:25 वोट
नोटा:12 वोट
अवैध मत: 130