फतेहपुर, विवादित स्थल (फोटो- सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

हजारों साल पुराना मंदिर या ऐतिहासिक मकबरा…फतेहपुर के DM ने बताई सच्चाई, जानिए क्या है पूरा मामला

Fatehpur News: फतेहपुर में मंदिर-मकबरा विवाद को लेकर तनाव बढ़ा, पथराव हुआ। डीएम-एसपी ने स्थिति सामान्य बताई और शांति बनाए रखने की अपील की। अब विश्वास बहाली प्रशासन की प्राथमिकता है।

अक्षय साहू

Fatehpur Temple Tomb Dispute: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में हालात कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गए थे। मामला उस वक्त बढ़ा जब कुछ हिंदू संगठनों ने सदर कोतवाली क्षेत्र के अबूनगर स्थित एक मकबरे को प्राचीन ठाकुर जी मंदिर बताते हुए वहां पूजा-अर्चना की मांग की और भगवा झंडा लेकर मकबरे पर चढ़ गए। इस पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बड़ी मुश्किल से हालात को नियंत्रण में लिया।

फतेहपुर के जिलाधिकारी रवींद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और लोग अपने-अपने घर लौट चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता अब लोगों में विश्वास बहाल करना है। वहीं, एसपी अनूप कुमार सिंह ने भी पुष्टि की कि जिले में अब स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है।

10 थानों की फोर्स तैनात

एसपी अनूप कुमार सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि, अबू नगर की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर जानकारी देते हुए कहा, "यहां सभी लोगों को समझाया गया है और वे अपने-अपने घरों को लौट चुके हैं। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है। जो लोग मौके पर मौजूद थे, उनसे शांतिपूर्वक वार्ता की गई है। दोनों पक्ष अब वहां से जा चुके हैं। एहतियात के तौर पर लगभग 10 थानों की फोर्स तैनात की गई है। स्थिति नियंत्रण में है और माहौल शांतिपूर्ण है।" वही,जिला मजिस्ट्रेट रवींद्र सिंह ने कहा, "आज दोनों पक्षों के लोग यहां पहुंचे क्योंकि उन्हें कुछ आशंकाएं थीं और कुछ असामाजिक तत्व अफवाहें फैला रहे थे। जब लोग यहां आए, तो उन्हें पूरी स्थिति स्पष्ट रूप से समझाई गई और आवश्यक जानकारी दी गई। उनसे बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया गया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह से सामान्य है और शांति बनी हुई है।"

क्या है पूरा मामला?

फतेहपुर के डाक बंगला चौराहे के पास स्थित नवाब अब्दुल समद का मकबरा एक बार फिर विवाद का केंद्र बन गया है। हिंदू संगठनों का दावा है कि यह स्थान मूल रूप से करीब हजार साल पुराना ठाकुर जी का मंदिर था, जिस पर बाद में नवाब अब्दुल समद का मकबरा बना दिया गया। संगठन अब वहां पूजा-पाठ की अनुमति की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, मुस्लिम समुदाय का कहना है कि यह शुरू से ही एक मकबरा है और उनकी आस्था का प्रतीक रहा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है और हर गली-चौराहे पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।

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