सर्राफा बाजार में करीब 10 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का है अनुमान
कानपुर में लोगों ने की 2,532 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड खरीदारी
आगरा में हुआ 600 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार
UP Market Business: त्योहार और व्यापार एक-दूसरे के पूरक माने जाते हैं। त्योहारों के आते ही बाजारों में रौनक बढ़ती है और कारोबार को नई गति मिलती है। इस धनतेरस के अवसर पर भी ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों और महंगाई की आशंकाओं के बावजूद लोगों ने खूब खरीदारी की।
शुक्रवार सुबह से ही प्रदेश के बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिली, जो देर रात तक जारी रही। व्यापारिक संगठनों के मुताबिक, इस बार उत्तर प्रदेश में करीब 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ। सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन, कपड़े, बर्तन और गिफ्ट आइटम की जमकर बिक्री हुई। वहीं, महीने के पहले सप्ताह में वेतन मिलने का असर भी बाजारों पर दिखा। नौकरीपेशा लोगों ने दिवाली की खरीदारी पर दिल खोलकर खर्च किया।
सर्राफा बाजार में ही धनतेरस पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। इसमें सोने की बिक्री लगभग 7,600 करोड़ और चांदी की 2,200 करोड़ रुपये रही। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स में 4,400 करोड़, गिफ्ट आइटम में 4,100 करोड़, कपड़ों में 2,400 करोड़ और सजावटी सामान में 2,200 करोड़ रुपये की बिक्री का अनुमान है। इसके अलावा वाहनों की 1,500 करोड़, बर्तनों की 1,100 करोड़, ओडीओपी उत्पादों की 900 करोड़ और अन्य सामान की करीब 700 करोड़ रुपये की बिक्री हुई।
वर्ष 2026 में पिछले साल के मुकाबले 532 करोड़ रुपये अधिक यानी कुल 2,532 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। कार, बाइक और ईवी की 1,300 करोड़, सोना-चांदी व डायमंड की 470 करोड़ और मेवा-मिठाई व गिफ्ट आइटम की 305 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। बाजार देर रात तक गुलजार रहे और लोगों ने जमकर खरीदारी की।
झांसी के बाजारों में करीब 3 अरब रुपये का कारोबार हुआ। इलेक्ट्रॉनिक्स में 125 करोड़, चार पहिया वाहनों में 60 करोड़, दोपहिया वाहनों में 40 करोड़, सर्राफा बाजार में 25 करोड़ और रियल एस्टेट में 35 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। वहीं, धनतेरस पर बर्तनों का 5 करोड़ और अन्य सामान का 11 से 12 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। इसके अलावा एक दिन में 70 से अधिक जमीनों की रजिस्ट्री भी हुई।
धनतेरस पर गोरखपुर में 1,300 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। गोलघर, घंटाघर और पांडेयहाता समेत प्रमुख बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी। ऑटो सेक्टर में 500 करोड़ और सर्राफा बाजार में 350 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। खास बात यह रही कि ज्वेलरी की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 25 फीसदी बढ़ी। वहीं, होम अप्लायंस में 100 करोड़ और बर्तन बाजार में 50 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया।
आगरा में 600 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ। धनतेरस पर ऑटोमोबाइल सेक्टर में 230 करोड़, सोना-चांदी में 210 करोड़, बर्तन बाजार में 40 करोड़, इलेक्ट्रॉनिक्स में 35 से 40 करोड़, कपड़ा बाजार में 25 करोड़, गिफ्ट आइटम में 7 करोड़ और मिठाई कारोबार में 5 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। वहीं, अन्य कारोबार में करीब 50 करोड़ रुपये का व्यापार दर्ज किया गया।
त्योहारों का यह सीजन अक्सर व्यापार में नई जान फूंक देता है और इस बार भी सर्राफा, इलेक्ट्रॉनिक्स, बर्तनों और ऑटोमोबाइल बाजार खरीददारों से गुलजार रहे। धनतेरस के पावन मौके पर महंगाई और सोने-चांदी की आसमान छूती कीमतों की परवाह किए बिना लोगों ने जमकर खरीदारी की। ग्राहकों की भारी भीड़ से बाजारों में रौनक लौट आई और कारोबार की मंदी का दौर भी टूटता नजर आया।