उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (सोर्स- सोशल मीडिया) 
अयोध्या

योगी को घेरने चले थे विरोधी, लेकिन उलटी पड़ गई बाजी, जानिए अयोध्या चंदा चोरी केस में कैसे बदला पूरा खेल

Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सीएम योगी द्वारा गठित एसआईटी रिपोर्ट से उनका राजनीतिक कद तय होगा, वहीं कपिल सिब्बल ने पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।

अक्षय साहू

Yogi Adityanath Ram Mandir SIT Report: अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले के खुलासे के बाद भाजपा की आंतरिक राजनीति से लेकर प्रदेश के रणनीतिक मोर्चे पर राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे मजबूत नेता के रूप में नजर आ रहे हैं। इसकी वजह यह है कि इस मामले में जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट न सिर्फ प्रदेश में भाजपा का भविष्य तय करेगी बल्कि इस रिपोर्ट के पन्ने योगी की ताकत को बढ़ाने या घटाने का भी कार्य करेंगे।

यह माना जा रहा है कि अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले को पहले इस लक्ष्य के साथ ही उठाया गया था कि इसकी लपेट में राज्य के सीएम योगी आएंगे। लेकिन इसकी जगह इसकी आंच भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद पर पड़ने लगी। लोगों के बीच यह धारणा बनी कि इस मंदिर का निर्माण भाजपा का लक्ष्य रहा है। इसके ट्रस्ट में अधिकतर संघ व विहिप के लोग हैं। ऐसे में योगी इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं। यह भी चर्चा रही कि योगी ने दिवाली और अन्य अवसर पर अयोध्या में बड़े आयोजन कर इसकी प्रतिष्ठा को बढ़ाने का ही कार्य किया था। लेकिन भाजपा नेताओं ने यहां पर चंदा चोरी पर अंकुश नहीं लगाया।

सीएम का मास्टरस्ट्रोक केंद्र पर भी पड़ रहा भारी

जबकि पीएम मोदी के पूर्व प्रमुख सचिव नृपेंद मिश्रा मंदिर निर्माण समिति के प्रमुख रहे हैं। वहीं, संघ के कार्यकर्ता चंपत राय मंदिर ट्रस्ट के कर्ताधर्ता रहे हैं। इस मामले में यूपी के सीएम योगी का मास्टरस्ट्रोक यह रहा कि जब उन्होंने देखा कि इस मामले की वजह से जनता के बीच देश भर में रोष बढ़ रहा है। उन्होंने बिना FIR किए ही एसआईटी गठित कर दी।

यह माना जा रहा है कि इससे योगी को दो लाभ हुए। एक, जनता ने माना कि योगी निष्पक्षता के साथ जांच करेंगे। उनकी संलिप्तता नहीं है क्योंकि ऐसा होने पर एसआईटी नहीं बन सकती थी। दो, एसआईटी की जांच की जानकारी लगातार सीएम योगी को मिलती रहेगी। जिससे संघ उनके लगातार संपर्क में रहेगा। इससे भविष्य के लिए योगी-संघ की निकटता बढ़ने से केंद्रीय भाजपा चिंतित हो सकती है।

SIT रिपोर्ट तय करेगा योगी का कद

हालांकि यूपी के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि योगी आदित्यनाथ की एसआईटी क्या रिपोर्ट देती है। यह उनका राजनीतिक कद बढ़ाने या घटाने का कार्य करेगा, क्या ड्राइवर, चपरासी पकड़े जाएंगे या फिर बड़ी मछलिया भी फंसेगी। इससे आगे की राजनीति तय होगी। अगर यूपी पुलिस और एसआईटी ने कुछ बड़े नामों को गिरफ्त में लिया तो योगी का कद बढ़ना तय है। ऐसा नहीं होने पर उन पर भी मिलीभगत कर आरोपियों को छोड़ने का दाग लग सकता है। नेता ने कहा कि इस समय योगी सबसे सुरक्षित और मजबूत स्थिति में हैं।

BJP ने जनता को भगवान के नाम पर लूटा: कपिल सिब्बल

वही, इस मामले में देश के नामचीन वकील, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने इस मामले में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पर जोरदार हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर अनियमितताएं की गईं। देश को लूटा गया। मोदी सरकार के अच्छे दिन का नारा भी झूठा साबित हुआ। भगवान राम के घर न में ही लगातार चोरी की गई। क्या यही अच्छे दिन है?

कपिल सिब्बल ने पीएम की चुप्पी पर किए सवाल

सबसे हैरानी की बात है कि पीएम मोदी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। सिब्बल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस सरकार को हराओ। राम को लूटा, देश को लूटा, अच्छे दिन का नारा झूठा। उन्होंने आगे कहा, ऐसे ऐसे शासन को तोड़ेंगे, मिलकर देश को जोड़ेंगे, न दिलों का होगा बंटवारा, सबका देश है देश हमारा। सिब्बल ने आगे कहा कि यह केवल वित्तीय हेराफेरी या चोरी नहीं हैं। यह आस्था के साथ विश्वासघात है।

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