नदी के किनारे परिवारों के एक साथ जश्न मनाने से पूरा शहर श्रद्धा से जगमगा उठा है। लोगों में घरों की दीपावली से ज्यादा सरयू तट के किनारे दीप जलाकर दीपावली मनाने का उत्साह देखा जा रहा है।
दीये जलाने के मामले में हर साल नया रिकॉर्ड बनता जा रहा है। वर्ष 2017 में 1.71 लाख दीये जलाए गए थे, जो 2018 में बढ़कर 3.01 लाख और 2019 में 4.04 लाख हो गए। इसके बाद 2020 में 6.06 लाख, 2021 में 9.41 लाख और 2022 में 15.76 लाख दीये जलाए गए। वर्ष 2023 में यह संख्या बढ़कर 22.23 लाख पहुंच गई, जबकि 2024 में 25.12 लाख और 2025 में 26.17 लाख दीये जलाए गए। अब वर्ष 2026 में 30 लाख से अधिक दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है।
अयोध्या में भव्य दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुई थी। इसकी शुरुआत राम की पैड़ी और सरयू तट पर भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति में दीप जलाकर की गई थी। 2017 में लगभग 1.71 लाख दीयों से शुरू हुआ यह आयोजन आज विश्वस्तरीय उत्सव बन चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में अयोध्या के विकास और पूर्व की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था, जब अयोध्या में हवाई अड्डा बनने की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, लेकिन आज यहां महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मौजूद है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पहले अयोध्या की उपेक्षा की, भगवान राम के भक्तों पर गोलियां चलवाईं और संतों का अपमान करते हुए उन पर लाठीचार्ज किया, उन्हें अयोध्या आने से पहले अपने पुराने कृत्यों के लिए माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ऐसे लोगों को भगवान राम के भक्तों और संतों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही, उन्हें अपने पुराने कार्यों पर पश्चाताप भी करना चाहिए।
सूर्यास्त होते ही भगवान राम की नगरी अयोध्या दीपों की रोशनी से जगमगा उठेगी। सरयू नदी के किनारे बने 56 घाटों पर करीब 30 लाख दीये एक साथ जलाए जाएंगे। राम की पैड़ी, सरयू घाट और रामकथा घाट सहित अयोध्या के प्रमुख घाटों और मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी और दीपों से सजाया गया है। चारों ओर दीपों की जगमगाहट से पूरी रामनगरी का नजारा बेहद खूबसूरत दिखाई देगा। ऐसा लगेगा मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो। इस भव्य दीपोत्सव को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।
अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव के साक्षी बनने जा रही है। रामनगरी में इस बार 30 लाख दीपों से जगमगाने की भव्य तैयारी की गई है। राम जन्मभूमि परिसर से लेकर सरयू नदी के घाटों तक दीपों की रोशनी अद्भुत छटा बिखेरेगी। इस ऐतिहासिक आयोजन में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दीपोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भव्य दीप प्रज्ज्वलन आकर्षण का केंद्र रहेंगे। लाखों दीपों की लौ से अयोध्या का कोना-कोना रोशन होगा। यह आयोजन आस्था, संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम पेश करेगा।