Highlights:
मंडी समिति में मतगणना के दौरान कई बार हंगामा
पुलिस से भिड़े सपा कार्यकर्ता
आकाश अग्रवाल के आरोपों से प्रदेश की सियासत में गरमाई चर्चा
Agra MLC Election Results 2026: आगरा खंड विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने जिले की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल की जीत ने भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बने चुनाव में बड़ा राजनीतिक संदेश दिया, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी डॉ.मानवेंद्र प्रताप सिंह ‘गुरु जी’ ने जीत दर्ज की। दोनों सीटों पर अलग-अलग दलों की सफलता के बीच मतगणना के दौरान हुआ हंगामा, आरोप-प्रत्यारोप और पुलिस की कार्रवाई भी चर्चा में रही।
फिरोजाबाद रोड स्थित मंडी समिति में मंगलवार सुबह शुरू हुई मतगणना का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। शिक्षक सीट पर पहले दौर से ही डॉ. आकाश अग्रवाल ने बढ़त बना ली थी। मतगणना के शुरुआती आंकड़ों में उनकी बढ़त लगातार बढ़ती दिखाई दी। दूसरी ओर, स्नातक सीट पर भाजपा और सपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। मतगणना के दौरान दोनों सीटों के रुझानों ने राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ाए रखीं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में डॉ.आकाश अग्रवाल और भाजपा प्रत्याशी हरि किशोर तिवारी के बीच मुख्य मुकाबला था। भाजपा नेताओं ने इस चुनाव को पार्टी की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा था। ऐसे में शिक्षक सीट पर सपा प्रत्याशी की जीत राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बन गई।
मतगणना के दौरान सामने आए एक शुरुआती आंकड़े के अनुसार, 29,865 मतपत्रों की गिनती के बाद आकाश अग्रवाल को 13,087 और हरि किशोर तिवारी को 9,389 मत मिले थे। उस समय आकाश अग्रवाल 3,698 मतों से आगे थे। इसके बाद वरीयता क्रम के मतों की गणना हुई। शुरुआती बढ़त और अंतिम परिणाम के बीच अंतर को समझने के लिए अंतिम आधिकारिक परिणाम ही निर्णायक है।
मतगणना के दौरान कई बार काउंटिंग रुकने को लेकर विवाद हुआ। सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि बिना उचित वजह के मतगणना रोकी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को फोन आने के बाद काउंटिंग बंद किए जाने की आशंका भी जताई।
आकाश अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा था, “हराना है तो हरा दें, काउंटिंग न रोकें।” उन्होंने सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और मतगणना में गड़बड़ी की आशंका जताई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई और मतगणना रोके जाने की आधिकारिक वजह को लेकर प्रशासन का पक्ष महत्वपूर्ण है।
मतगणना के दौरान विवाद उस समय और बढ़ गया, जब भाजपा प्रत्याशी हरि किशोर तिवारी ने मीडिया के सामने अपने साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया। इसके बाद डॉ. आकाश अग्रवाल ने भी भाजपा प्रत्याशी और उनके समर्थकों पर खुद तथा अपने समर्थकों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के आरोपों के बीच मतगणना स्थल पर तनाव का माहौल बन गया।
काउंटिंग रुकने के विरोध में सपा कार्यकर्ता मंडी समिति पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को मतगणना स्थल से करीब 500 मीटर दूर तक खदेड़ दिया। रातभर चले घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को गरमाए रखा।
चुनाव के दौरान डॉ. आकाश अग्रवाल का मंडलायुक्त कार्यालय पर दिया गया भावुक बयान भी चर्चा का विषय बना। मीडिया से बातचीत के दौरान उनकी भावुक प्रतिक्रिया के बाद शिक्षक सीट का मुकाबला और सुर्खियों में आ गया। मतगणना के दौरान भी उनकी बढ़त की खबर आने पर उनके चेहरे पर मुस्कान दिखाई देती थी, जबकि काउंटिंग रुकने की सूचना पर मायूसी नजर आती थी।
सुबह तक शिक्षक सीट पर उनकी जीत की खबर ने सपा समर्थकों में उत्साह बढ़ा दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने आगरा खंड एमएलसी चुनाव को प्रदेश की राजनीतिक चर्चाओं में प्रमुखता दिलाई।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ‘गुरु जी’ ने जीत दर्ज की। मतगणना के शुरुआती चरणों में उन्होंने सपा प्रत्याशी शशांक यादव पर बढ़त बनाई थी। बाद के चरणों में भी मुकाबले पर सबकी नजर बनी रही। भाजपा की जीत से पार्टी समर्थकों में उत्साह रहा।
दोनों सीटों के नतीजों ने आगरा खंड में राजनीतिक मुकाबले की अलग तस्वीर पेश की। शिक्षक सीट सपा के खाते में गई, जबकि स्नातक सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की। इस तरह दोनों प्रमुख दलों को एक-एक सीट मिली।
आगरा खंड एमएलसी चुनाव का परिणाम आने के बाद अब मतगणना के दौरान लगे आरोपों और विवादों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। चुनावी नतीजों ने जहां दोनों दलों को अपनी-अपनी जीत का अवसर दिया, वहीं मतगणना की प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का जवाब तो प्रशासन और चुनाव आयोग ही दे सकता।