Agra Jagannath Rath Yatra 2026: शंखध्वनि, मृदंग और झांझ की मधुर धुनों के बीच मंगलवार को 14 दिनों के विराम के बाद जैसे ही भगवान श्रीजगन्नाथ मंदिर के कपाट खुले, पूरा परिसर "हरि बोल" और "हरे राम-हरे कृष्ण" के जयघोष से गूंज उठा। भगवान श्रीजगन्नाथ ने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। प्रभु के दर्शन के लिए कई दिनों से प्रतीक्षा कर रहे श्रद्धालुओं की आंखें भावविभोर हो उठीं और मंदिर परिसर भक्ति और उल्लास के रंग में रंग गया।
कमला नगर स्थित इस्कॉन मंदिर में रथयात्रा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित नयन उत्सव में भगवान का भव्य श्रृंगार किया गया। कमल, बेला और मोगरा के सुगंधित पुष्पों से सजे श्रीविग्रहों को आकर्षक वस्त्र और आभूषण पहनाए गए। तुलसी की मालाओं और पारंपरिक अलंकरणों से सुसज्जित भगवान के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी।
आरती शुरू होते ही श्रद्धालु दोनों हाथ उठाकर कीर्तन में झूम उठे। "गीत गोविंद" और "जगन्नाथ अष्टकम" की स्वर लहरियों के बीच भक्त देर तक नृत्य और संकीर्तन करते रहे। मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी और पुष्प सज्जा से विशेष रूप से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह से सराबोर दिखाई दिया।
इस्कॉन आगरा के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने बताया कि भगवान के स्वास्थ्य लाभ के उपरांत उनका विशेष श्रृंगार और विधिवत आरती संपन्न कराई गई। इस अवसर पर मंदिर की रसोई में छप्पन भोग तैयार किए गए, जिनमें 56 प्रकार के चावल विशेष आकर्षण रहे। इनमें गुड़ वाले चावल, गन्ने के रस में पके चावल, मीठे और नमकीन चावल सहित अनेक पारंपरिक व्यंजन शामिल थे।
श्रद्धालु भी अपने घरों से प्रेम और श्रद्धा के साथ मिट्टी के पात्रों में विविध प्रकार के पकवान लेकर पहुंचे। इनमें कचौड़ी, पूरी, मठरी, पराठे, ढोकला, विभिन्न प्रकार की सब्जियां तथा रसगुल्ले और बर्फी जैसी मिठाइयां प्रमुख रहीं, जिन्हें भगवान को अर्पित किया गया।
आगरा में 16 जुलाई को दोपहर दो बजे से भव्य श्रीजगन्नाथ रथयात्रा निकाली जाएगी। यात्रा बल्केश्वर स्थित महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए शाम करीब आठ बजे कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर पहुंचेगी।
रथयात्रा का प्रमुख आकर्षण भगवान का भव्य नंदीघोष रथ होगा, जिसकी ऊंचाई लगभग 22 फुट और लंबाई 18 फुट है। इस रथ को कोलकाता और वृंदावन के कुशल कलाकार विशेष रूप से सजाएंगे। भगवान श्रीजगन्नाथ सतरंगी परिधान धारण कर रथ पर विराजमान होंगे और भक्तों को दर्शन देंगे। भगवान की पोशाक को आगरा और वृंदावन के श्रद्धालुओं ने स्वयं तैयार किया है।
आयोजकों के अनुसार इस वर्ष की रथयात्रा में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ यूक्रेन और रूस से आए श्रद्धालु भी शामिल होंगे, जिससे यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय आकर्षण का केंद्र बनेगा। वहीं, 15 जुलाई को शाम 4:30 बजे से रात 9:30 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए दिव्य छप्पन भोग दर्शन भी आयोजित किए जाएंगे।