लापता होने की सूचना पर डीसीपी सिटी के निर्देश पर पुलिस ने गठित कीं टीमें
बरामदगी के बाद पुलिस ने परिजनों को सौंपा
तीनों में दो नाबालिग और एक वयस्क
Three Missing Boys Found: बड़ा आदमी बनने का सपना लेकर घर से निकले तीन दोस्तों की कहानी ने परिवारों की चिंता बढ़ा दी। आगरा के थाना लोहामंडी क्षेत्र में एक बच्चे ने घर छोड़ने से पहले अपने पिता के नाम चिट्ठी लिखी और उसमें बड़ा आदमी बनकर लौटने की बात कही। इसके बाद वह अपने दो दोस्तों के साथ घर से चला गया। बच्चों के लापता होने की सूचना पर सक्रिय हुई आगरा पुलिस ने तीनों को 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
यह मामला इसलिए भी अलग है, क्योंकि पुलिस के अनुसार तीनों की दोस्ती सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। तीनों के बीच बड़ा आदमी बनने के सपने को लेकर बातचीत होती थी। हालांकि, घर छोड़कर निकलने के बाद उन्हें अपने फैसले का एहसास हुआ और वे वापस आगरा लौट आए।
डीसीपी सिटी रविंद्र कुमार ने मीडिया को बताया कि एक बच्चे के पिता ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनका बेटा घर पर एक नोट छोड़कर चला गया है। चिट्ठी में लिखा था, “पापा, मैं घर छोड़कर जा रहा हूं… बड़ा आदमी बनकर लौटूंगा।” पिता ने पुलिस को यह भी बताया कि उनका बेटा अपने दो दोस्तों के साथ घर से गया है।
डीसीपी के मुताबिक, तीनों की मित्रता इंस्टाग्राम पर हुई थी। वे आपस में बड़ा आदमी बनने की बात किया करते थे। आगरा पुलिस की जानकारी के अनुसार, तीनों में दो नाबालिग थे, जबकि एक वयस्क था। बच्चों के अचानक लापता होने से परिजन परेशान हो गए और उन्होंने पुलिस से मदद मांगी।
पुलिस के अनुसार, घर से निकलने के बाद तीनों पहले आगरा से जयपुर पहुंचे। बाद में उन्हें अपने कदम का एहसास हुआ और वे वापस आगरा लौट आए। इसके बाद तीनों राजा मंडी रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां से आगे जाने की योजना बना रहे थे।
उधर, मामले की जानकारी मिलते ही डीसीपी सिटी रविंद्र कुमार के निर्देश पर पुलिस की टीमें गठित की गईं। पुलिस ने तीनों की तलाश शुरू की और प्रयासों के बाद उन्हें राजा मंडी स्थित चामुंडा मंदिर से सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद तीनों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
आगरा में बच्चों के घर छोड़कर जाने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन इस मामले में तीन दोस्तों का एक साथ घर से निकलना और उनके फैसले के पीछे बड़ा आदमी बनने का साझा सपना चर्चा का विषय है। इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती और आपसी बातचीत के बाद तीनों ने घर छोड़ने का कदम उठाया।
यह घटना अभिभावकों के लिए भी एक संदेश है कि बच्चों के सपनों, उनकी योजनाओं और सोशल मीडिया पर बनने वाली मित्रताओं को समझने के लिए उनसे लगातार संवाद बनाए रखना जरूरी है। बड़े सपने देखना गलत नहीं है, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए जल्दबाजी में उठाया गया कदम बच्चों को मुश्किल में डाल सकता है। समय रहते पुलिस की कार्रवाई से तीनों बच्चे सुरक्षित अपने परिवारों तक पहुंच गए।