Agra BJP State General Secretary: उत्तर प्रदेश भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री और पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह चौहान का एक बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। आगरा के एत्मादपुर में आयोजित स्वागत समारोह के दौरान मंच से दिया गया उनका बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और विपक्ष को सरकार तथा अफसरशाही पर सवाल उठाने का नया मौका मिल गया है।
प्रदेश कार्यकारिणी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद पहली बार आगरा पहुंचे राम प्रताप सिंह चौहान का कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने मंच से अधिकारियों की कार्यशैली पर खुलकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी खुद को जनता का सेवक नहीं बल्कि राजा समझने लगे हैं और जानबूझकर आम लोगों के कामों को लंबित रख रहे हैं, जिससे सरकार की छवि प्रभावित हो रही है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता की सेवा के लिए नियुक्त किए गए हैं, लेकिन कुछ लोग अपनी जिम्मेदारियों को भूलकर मनमानी कर रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, "जिस दिन तय कर लिया, उस दिन ऑफिस में घुसकर ऐसी-तैसी कर दूंगा।"
यह भी पढ़ें- राम मंदिर की 200 चांदी की ईंटों पर नया मोड़! ट्रस्ट के जवाब के बाद सिंधी समाज ने सौंपी 17 देशों की लिस्ट
भाजपा नेता का यह बयान सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में बहस शुरू हो गई है। अब तक प्रदेश में अफसरशाही और नौकरशाही की कार्यशैली को लेकर विपक्षी दल ही सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन पहली बार सत्ता पक्ष के एक वरिष्ठ नेता द्वारा सार्वजनिक मंच से इस तरह की नाराजगी व्यक्त किए जाने को कई लोग सरकार और प्रशासन के बीच बढ़ती दूरी के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
वहीं विपक्ष इस बयान को लेकर सरकार पर निशाना साध सकता है और यह सवाल उठा सकता है कि यदि सत्तारूढ़ दल के नेता ही अधिकारियों की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान किस प्रकार होगा।
फिलहाल, राम प्रताप सिंह चौहान के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।