Rapido पर लगा जुर्माना (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Rapido पर CCPA का बड़ा एक्शन, डार्क पैटर्न के इस्तेमाल पर लगा 10 लाख रुपये का जुर्माना

Rapido Fine CCPA: सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने राइड बुकिंग ऐप रैपिडो पर डार्क पैटर्न का इस्तेमाल करने और उपभोक्ताओं से एक्स्ट्रा किराया वसूलने पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

प्रिया सिंह

CCPA Rapido Fine News: राइड बुकिंग प्लेटफॉर्म 'रैपिडो' का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने रैपिडो की मूल कंपनी पर 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है।

जांच में पाया गया कि कंपनी ऐप पर डार्क पैटर्न का इस्तेमाल करके ग्राहकों को एक्स्ट्रा पैसे देने के लिए मजबूर करती थी। उपभोक्ता मामलों के विभाग की इस कड़ी कार्रवाई से अब कैब और बाइक एग्रीगेटर ऐप्स में मनमानी पर रोक लगेगी।

रैपिडो पर CCPA की बड़ी कार्रवाई

राइड बुकिंग ऐप रैपिडो का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी यानी CCPA ने रैपिडो संचालित करने वाली कंपनी रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

CCPA की जांच में ऐप पर ऐसे तरीकों के इस्तेमाल की बात सामने आई, जिनसे ग्राहकों को ज्यादा किराया देने के लिए प्रभावित किया जा रहा था। उपभोक्ता मामलों के विभाग की यह कार्रवाई कैब और बाइक टैक्सी एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स पर उपभोक्ताओं के हितों और पारदर्शिता को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

‘कन्फर्म शेमिंग’ के जरिए ज्यादा किराया देने का दबाव

जांच के दौरान अथॉरिटी ने रैपिडो के बुकिंग इंटरफेस की जांच की। इसमें पाया गया कि राइड बुक करते समय ग्राहकों को ऐसे मैसेज दिखाए जाते थे, जिनमें ज्यादा कीमत देने पर राइड मिलने की संभावना बढ़ने की बात कही जाती थी।

ऐप पर यह भी दिखाया जाता था कि कैप्टन 60 रुपये पर राइड स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इसके बाद ग्राहकों को 10, 20 या 30 रुपये अतिरिक्त जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था, ताकि राइड जल्दी कंफर्म हो सके।

CCPA ने इस तरीके को ‘कन्फर्म शेमिंग’ माना। अथॉरिटी के मुताबिक, यह ‘डार्क पैटर्न्स की रोकथाम और नियमन के लिए गाइडलाइंस, 2023’ के तहत अनुचित तरीका है।

‘Set Your Price’ स्लाइडर पर भी उठे सवाल

CCPA ने रैपिडो के ‘Set Your Price’ यानी अपनी कीमत तय करें फीचर की भी जांच की। इसमें मौजूद कलर कोडेड स्लाइडर को लेकर अथॉरिटी ने इंटरफेस में हेरफेर किए जाने की बात कही।

जांच के मुताबिक, जब ग्राहक किराया बढ़ाते थे तो स्लाइडर हरे रंग में दिखाई देता था और राइड मिलने की संभावना ज्यादा बताई जाती थी। इसके विपरीत किराया कम करने पर लाल या नारंगी रंग की चेतावनी दिखाई देती थी।

CCPA ने इसे ‘इंटरफेस इंटरफेरेंस’ नाम के डार्क पैटर्न के रूप में माना। अथॉरिटी के अनुसार, इस तरह का विजुअल डिजाइन ग्राहक के फैसले को प्रभावित कर सकता है और उसे ज्यादा भुगतान की ओर ले जा सकता है।

राइड खत्म होने के बाद ही मिले टिप का विकल्प

CCPA ने राइड के दौरान या राइड पूरी होने से पहले टिप देने से जुड़े नियमों को लेकर भी स्पष्टता दी है। अथॉरिटी के अनुसार, टिप ग्राहक की इच्छा से दिया जाने वाला भुगतान है और इसे सेवा लेने की अनिवार्य शर्त नहीं बनाया जा सकता।

मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस, 2025’ का हवाला देते हुए CCPA ने कहा कि टिपिंग का विकल्प राइड पूरी होने के बाद ही उपलब्ध होना चाहिए। इसका उद्देश्य ग्राहकों को बिना दबाव के टिप देने का विकल्प देना है।

ओला-उबर समेत अन्य प्लेटफॉर्म भी जांच के दायरे में

इससे पहले CCPA ने उबर, ओला, रैपिडो और नम्मा यात्री जैसे प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किए थे। इनमें ओला और उबर से जुड़े मामलों की जांच अभी जारी है।

CCPA की कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि कैब और बाइक टैक्सी प्लेटफॉर्म्स के किराया तय करने, बुकिंग इंटरफेस और टिपिंग जैसे फीचर्स पर उपभोक्ता हितों के नजरिए से निगरानी बढ़ सकती है। रैपिडो पर लगाया गया 10 लाख रुपये का जुर्माना इसी दिशा में उठाया गया एक अहम कदम है।

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