Income Tax FM Nirmala Sitharaman Orders Strict Action Against Tax Evaders: देश में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अहम डेडलाइन अब बहुत तेजी के साथ करीब आ रही है। डेडलाइन खत्म होने से पहले देशभर के सभी लोगों में अपना ITR फाइल करने की भारी होड़ मची हुई है। इसी बीच देश की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्सपेयर्स को लेकर एक बहुत ही अहम और बड़ा बयान दिया है। वित्त मंत्री ने करदाताओं की सुविधाओं को बढ़ाने और टैक्स चोरी को रोकने के लिए आयकर विभाग को कई बड़े और बहुत सख्त निर्देश दिए हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर विभाग के सभी अधिकारियों से ईमानदार टैक्सपेयर्स के लिए पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने जानबूझकर टैक्स चोरी करने वाले सभी भ्रष्ट लोगों के खिलाफ बहुत ही सख्त कार्रवाई करने के भी कड़े निर्देश दिए हैं। वित्त मंत्री ने स्पष्ट कहा कि हमारा मुख्य दृष्टिकोण ऐसा होना चाहिए जिसमें देश के ईमानदार टैक्सपेयर्स को पूरी सुविधा आसानी से मिले। इसके अलावा रिटर्न भरते समय हुई वास्तविक गलतियों को सुधारने का भी पूरा मौका दिया जाना चाहिए।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने आयकर अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि टैक्स कानून के अधिकारों का प्रयोग हमेशा बहुत विनम्रता से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी टैक्सपेयर केवल टैक्स आकलन का विषय नहीं है बल्कि वह देश के विकास का एक बहुत अहम साझेदार भी है। सरकार का मुख्य जोर टैक्स से जुड़े सभी विवादों को कम करने और टैक्स निश्चितता को काफी ज्यादा बढ़ाने पर टिका हुआ है। इससे देश के आम नागरिकों और सरकार के बीच एक बहुत ही बेहतर और मजबूत रिश्ता हमेशा के लिए कायम हो सकेगा।
आयकर विभाग के जारी आंकड़ों के अनुसार ITR दाखिल करने के मौजूदा सत्र में 21 जुलाई तक 3.2 करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल हुए हैं। इनमें से करीब 94 प्रतिशत का सफलतापूर्वक वेरिफाई और 60 प्रतिशत का पूरी तरह से सैटलमेंट भी आसानी से किया जा चुका है। इसके अलावा 1.3 करोड़ से अधिक टैक्स रिफंड भी क्लेम किए गए हैं, जिनमें से 96 प्रतिशत को तेजी से वेरिफाई किया गया है। इनमें से 40 प्रतिशत टैक्स रिफंड को सैटल किया जा चुका है, जिससे देश के लाखों लोगों को काफी बड़ी आर्थिक राहत मिली है।
वित्त मंत्री का स्पष्ट रूप से मानना है कि रिफंड प्रक्रिया में तेजी लाने से टैक्सपेयर्स का सरकार पर भरोसा काफी ज्यादा बढ़ता है। इसके साथ ही समय पर रिफंड मिलने से उनकी नकदी स्थिति बहुत मजबूत होती है और बाजार में भी पैसा वापस आता है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने भी कहा है कि शिकायतों के त्वरित समाधान में भी अब भारी सुधार हुआ है। विभाग अब बार-बार आने वाली सभी शिकायतों के मूल कारणों को हमेशा के लिए दूर करने पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रहा है।
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ज्यादातर व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तिथि आम तौर पर 31 जुलाई 2026 पहले से निर्धारित होती है। इसमें सैलरी पाने वाले सभी नियमित कर्मचारी और आम पेंशनभोगी शामिल होते हैं, जिन्हें किसी भी प्रकार के टैक्स ऑडिट की कोई जरूरत नहीं होती।
हालांकि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के हेल्प पेज पर ITR-4 टैक्सपेयर्स के लिए असेसमेंट ईयर 2026-27 की ड्यू डेट 31 अगस्त 2026 बताई गई है। डेडलाइन बढ़ाने को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन या सरकारी सर्कुलर अभी तक जारी नहीं किया गया है।