ChatGPT का मजेदार जवाब। (सौ. AI) 
टेक्नॉलजी

जब ChatGPT ने डेटा एनालिस्ट को बताया खिलौना गिनने वाला, एक सवाल पर सोशल मीडिया पर बवाल

ChatGPT Explanation: डेटा एनालिटिक्स को सबसे जटिल और तकनीकी कामों में गिना जाता है, लेकिन जब ChatGPT से इसको एक 5 साल के बच्चें को समझाने के लिए बोला गया तो ये काफी मजेदार हो गया।

सिमरन सिंह

ChatGPT Jokes: आज के दौर में जहां डेटा एनालिटिक्स को सबसे जटिल और तकनीकी कामों में गिना जाता है, वहीं एक मजेदार घटना ने इसे बिल्कुल अलग अंदाज़ में प्रस्तुत कर दिया। एक सीनियर डेटा एनालिटिक्स कंसल्टेंट ने जब मज़ाक में ChatGPT से अपने काम को बच्चों की भाषा में समझाने को कहा, तो जो जवाब आया उसने सभी को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया।

ChatGPT का मासूम लेकिन चुभता जवाब

कंसल्टेंट ने ChatGPT से पूछा "एक सीनियर डेटा एनालिटिक्स कंसल्टेंट क्या करता है, इसे ऐसे समझाओ कि पाँच साल का बच्चा भी समझ सके।"

इस पर ChatGPT ने कहा, "डेटा एनालिटिक्स कंसल्टेंट उन लोगों के लिए चीज़ें गिनता है जो खुद गिनने में व्यस्त या सक्षम नहीं होते। जैसे अगर तुम्हारी माँ तुमसे कहे कि अपने कमरे के सारे खिलौने गिनो, और इसके बजाय वह किसी अजनबी को पैसे देकर बुलाए जो गिनती करके रंगीन चार्ट बना दे कि तुम्हारे पास 10 कारें, 5 गुड़िया और 3 ब्लॉक्स हैं। बस यही काम डेटा कंसल्टेंट करता है, फर्क सिर्फ इतना है कि खिलौनों की जगह वह गिनता है कि मंगलवार को कितने लोगों ने आइसक्रीम खरीदी।"

कंसल्टेंट ने हंसी और थोड़ी 'पेशेवर चोट' के साथ कहा, "इतना सटीक वर्णन सुनकर मैंने कभी खुद को इतना पेशेवर रूप से आहत महसूस नहीं किया"

मां का मजेदार रिएक्शन

मजाक यहीं खत्म नहीं हुआ। कंसल्टेंट ने यह मजेदार बातचीत अपनी माँ को भेजी। माँ ने जवाब दिया, "ओह, तो तुम खिलौने गिनने वाले हो! अब समझ में आया।" यानी, मास्टर्स डिग्री के बावजूद बेटे की पहचान एक "खिलौना गिनने वाले" के तौर पर ही रह गई।

भांजे और सहकर्मी की भी मस्ती

कंसल्टेंट ने जब यह बात अपने 6 साल के भांजे को बताई तो उसने तुरंत कहा, "तो तुम चीज़ें गिनते हो? ये तो मैं भी कर सकता हूँ।" और फिर 47 तक गिनती करके बीच में तितली देखकर ध्यान भटका लिया। बच्चे की मासूम टिप्पणी सही भी निकली असल में काम गिनने का ही तो है!

वहीं, एक सहकर्मी जो Marketing Strategy Director हैं, उन्होंने भी ChatGPT से अपने काम की परिभाषा पूछी। जवाब मिला, "वह कंपनियों को यह तय करने में मदद करती हैं कि उनकी तस्वीरों में कौन-से रंग अच्छे लगेंगे और कौन-से शब्द सबसे रोमांचक सुनाई देंगे ताकि लोग वो चीज़ें खरीद लें जिनकी शायद उन्हें ज़रूरत भी न हो।" इस पर सहकर्मी हंसी और हल्की-सी 'अस्तित्ववादी संकट' दोनों में डूब गईं।

ध्यान दें

यह कहानी बताती है कि तकनीकी और जटिल लगने वाले प्रोफेशन भी आम लोगों और बच्चों की नज़र में कितने सरल और मजाकिया हो सकते हैं। कभी-कभी सच्चाई हंसी में लिपटी हुई सबसे गहरी चोट कर जाती है।

Delhi Protest Live: भारत-पाकिस्तान बॉर्डर की तरह हो गई है दिल्ली, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले अभिजीत दिपके

October Bank Holiday: 17 से 21 अक्टूबर तक बैंक बंद, जानें किन राज्यों में रहेंगी छुट्टियां? देखें पूरी लिस्ट

Exclusive: CBI जांच के बीच राज्यपाल कैसे? गुरदीप सप्पल ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर उठाए सवाल

भारत में रहने के लिए कब और कैसे ले सकते हैं OCI Card, जानें नियम और हासिल करने का तरीका

SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का CEC को नोटिस, बिना नाम लिए राहुल गांधी को फटकार