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एक WhatsApp लिंक और उड़ गए 4 लाख रुपये, ट्रैफिक चालान के नाम पर कैसे फंसा पढ़ा-लिखा आदमी

WhatsApp Scam: ठग इतने शातिर हो चुके हैं कि पढ़े-लिखे और समझदार लोग भी उनके जाल में फंस जाते हैं। दिल्ली में रहने वाले एक शख्स के साथ ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

सिमरन सिंह

WhatsApp Link Fraud: आज के दौर में ठग इतने शातिर हो चुके हैं कि पढ़े-लिखे और समझदार लोग भी उनके जाल में फंस जाते हैं। दिल्ली में रहने वाले एक शख्स के साथ ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस व्यक्ति को WhatsApp पर ट्रैफिक चालान भरने के नाम पर एक मैसेज मिला। बिना ज्यादा सोचे-समझे उसने अनजान लिंक पर क्लिक कर दिया और यही एक छोटी सी लापरवाही उसे करीब 4 लाख रुपये का नुकसान करा गई।

कैसे ठगों ने रचा भरोसे का जाल

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि पीड़ित को एक अनजान नंबर से WhatsApp मैसेज मिला। मैसेज में दावा किया गया था कि उसका 1000 रुपये का Traffic Challan पेंडिंग है। इस मैसेज को इस तरह डिजाइन किया गया था कि वह बिल्कुल सरकारी लगे। मैसेज में "NextGen mParivahan" का नाम, ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट का जिक्र और सरकारी अलर्ट जैसी भाषा का इस्तेमाल किया गया था, जिससे किसी को शक न हो।

लिंक पर क्लिक करते ही शुरू हुई मुसीबत

मैसेज में दिए गए लिंक पर चालान की जानकारी देखने और फाइन भरने के लिए कहा गया था। इसे असली समझकर व्यक्ति ने लिंक पर क्लिक किया और एक ऐप डाउनलोड कर लिया। हालांकि, ऐप इंस्टॉल होने के बाद कोई भी चालान डिटेल दिखाई नहीं दी। उस वक्त उसे लगा कि शायद तकनीकी समस्या होगी और उसने इसे नजरअंदाज कर दिया।

दोपहर बाद आए खतरनाक अलर्ट

असल परेशानी दोपहर करीब 2:59 बजे शुरू हुई। पीड़ित को एक ईमेल अलर्ट मिला, जिसमें लिखा था कि उसके Amazon ई-वॉलेट का पासवर्ड बदल दिया गया है। कुछ ही मिनटों में, अकाउंट से जुड़ी ईमेल आईडी भी बिना अनुमति बदल दी गई। इसके तुरंत बाद, अलग-अलग बैंकों से हाई-वैल्यू क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन के SMS आने लगे।

पैसे वापस मिलना क्यों हो गया मुश्किल

पुलिस के मुताबिक, ठगों ने सेव किए गए क्रेडिट कार्ड डिटेल्स का इस्तेमाल कर कुल पांच ट्रांजैक्शन किए। ये सभी ट्रांजैक्शन एक ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर ई-गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए किए गए थे। ये गिफ्ट कार्ड सीधे स्कैमर्स के ईमेल एड्रेस पर डिजिटल रूप से भेज दिए गए, जिससे पैसे वापस पाना लगभग नामुमकिन हो गया।

4 लाख का नुकसान और पुलिस में शिकायत

जब तक पीड़ित को पूरी ठगी का एहसास हुआ, तब तक करीब 4.05 लाख रुपये निकल चुके थे। इसके बाद उसने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि अनजान लिंक पर एक क्लिक कितना महंगा पड़ सकता है।

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