भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ( सौजन्य : सोशल मीडिया ) 
टेक्नॉलजी

ट्राई का स्पैम कॉल पर बड़ा एक्शन, कॉल करने वाली नॉन रजिस्ट्रड यूनिट का कटेगा कनेक्शन

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई स्पैम कॉल करने वाली गैर-पंजीकृत टेलीमार्केटिंग कंपनियों के सभी दूरसंचार साधनों का कनेक्शन काटने की बात कही है।

अपूर्वा नायक

नई दिल्ली : टेलीकॉम रेग्यूलेटर ट्राई ने आज देश की सभी टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है। इस निर्देश में बताया गया है कि अनचाही (स्पैम) कॉल करने वाले गैर-पंजीकृत टेलीमार्केटिंग कंपनियों के सभी दूरसंचार संसाधनों का कनेक्शन काट दिया जाएगा और साथ ही उस कंपनी को ब्लैक लिस्ट भी कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार कंपनियों को इस निर्देश का तत्काल पालन करने और इस संबंध में की गई कार्रवाई के बारे में पाक्षिक आधार पर नियमित ब्योरा देने के लिए भी कहा है। ट्राई ने दूरसंचार कंपनियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि इस ‘निर्णायक कार्रवाई' से बिना पंजीकरण वाले टेलीमार्केटिंग कंपनियों की तरफ से उपभोक्ताओं को की जाने वाली स्पैम कॉल में कमी आने और ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा

ट्राई ने बयान में कहा, ‘‘स्पैम कॉल करने वाली गैर-पंजीकृत टेलीमार्केटिंग कंपनियों के सभी दूरसंचार साधनों का कनेक्शन काट देने और दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता विनियमन, 2018 के तहत ऐसी कॉल करने वालों को काली सूची में डालने के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिए गए हैं।''

गैर-पंजीकृत टेलीमार्केटर

इस दिशा में ट्राई ने थोक कनेक्शन और दूसरे दूरसंचार साधनों का इस्तेमाल करने वाले सभी गैर-पंजीकृत टेलीमार्केटर (यूटीएम) से प्रचार के लिए की जाने वाली कॉल पर रोक लगाना सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के लिए अनिवार्य कर दिया है, चाहे ये संदेश पहले से रिकॉर्ड हों या कंप्यूटर-जनित हों।

दो साल तक के लिए कटेगा कनेक्शन

दूरसंचार नियामक ने कहा, ‘‘दूरसंचार साधनों (एसआईपी/ पीआरआई/ अन्य दूरसंचार संसाधनों) का उपयोग करने वाले गैर-पंजीकृत प्रेषकों/ गैर-पंजीकृत टेलीमार्केटिंग कंपनियों से की जाने वाली सभी प्रचारात्मक कॉल तुरंत रोक दी जाएंगी।'' अगर कोई गैर-पंजीकृत टेलीमार्केटर इस निर्देश का उल्लंघन कर प्रचारात्मक कॉल करने के लिए दूरसंचार संसाधनों का दुरुपयोग करते हुए पाया जाता है तो उसके सभी दूरसंचार संसाधनों का कनेक्शन प्राथमिक दूरसंचार सेवा प्रदाता दो साल तक के लिए काट देंगे।

7 दिन के भीतर अनुपालन रिपोर्ट

इसके अलावा ऐसी गैर-पंजीकृत इकाइयों को दो साल के लिए काली सूची में भी डाल दिया जाएगा। इस दौरान किसी भी दूरसंचार कंपनी की तरफ से उन्हें नए दूरसंचार संसाधन आवंटित नहीं किए जाएंगे। नियामक ने कहा कि यह निर्देश जारी होने के एक महीने के भीतर दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को डीएलटी मंच पर स्थानांतरित किया जाएगा और उसके बाद सात दिन के भीतर अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी।

नियमित अपडेट देने का भी निर्देश

ट्राई ने सभी दूरसंचार कंपनियों को अपने नवीनतम निर्देश का अनुपालन करने और हर महीने की पहली और 16 तारीख को इस संबंध में की गई कार्रवाई पर नियमित अपडेट देने का भी निर्देश दिया है। नियामक ने स्पैम कॉल पर लगाम लगाने की मंशा से पिछले हफ्ते सभी दूरसंचार कंपनियों के नियामकीय प्रमुखों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में एयरटेल, बीएसएनएल, रिलायंस जियो, टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड, वोडाफोन आइडिया लिमिटेड, क्वॉड्रेंट टेलीवेंचर्स लिमिटेड (क्यूटीएल) और वी-कॉन मोबाइल एंड इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने शिरकत की थी।

( एजेंसी इनपुट के साथ )

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