Telegram VPN Usage India: भारत में Telegram पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध के बाद इंटरनेट यूजर्स के बीच एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि मैसेजिंग ऐप तक पहुंच बंद होने के बाद बड़ी संख्या में लोग VPN डाउनलोड कर रहे हैं ताकि वे Telegram का इस्तेमाल जारी रख सकें। लेकिन जानने वाली बात यह है कि VPN सेवाओं की मांग में अचानक जबरदस्त उछाल को दर्ज किया गया है। वहीं रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि Telegram पर कार्रवाई के बाद VPN प्लेटफॉर्म्स पर नए यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। इससे साफ संकेत मिलता है कि प्रतिबंध के बावजूद लोग इस प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए अगल रास्तों का सहारा ले रहे है।
जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने 21 जून को होने वाली NEET Re-Exam परीक्षा से पहले पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इस प्रतिबंध को 22 जून तक लागू किया गया है। इसके अलावा Telegram के मैसेज एडिटिंग फीचर को भी 30 जून तक निष्क्रिय करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस कदल को लेकर सरकार का आरोप है कि कुछ समूह और चैनल परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने और अवैध गतिविधियों के लिए इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे। जिस कारण से सरकार ने Telegram पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्लेटफॉर्म को नया डार्क वेब और साइबर अपराधों का हब बताया है।
VPN सेवा देने वाले Proton VPN ने बताया कि Telegram पर प्रतिबंध लगने के बाद भारत में VPN रजिस्ट्रेशन तेजी से बढ़े हैं। जिसको लेकर कंपनी का कहना है कि मंगलवार को प्रति घंटे होने वाले नए रजिस्ट्रेशन में 150 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई थी जबकि बुधवार को दैनिक रजिस्ट्रेशन 120 प्रतिशत तक के बढ़त को भी देखा गया। इतना ही नहीं Google Trends के आंकड़े भी यही कहानी बताते हैं। पिछले कुछ दिनों में telegram vpn और vpn for telegram जैसे कीवर्ड्स की सर्च में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
VPN जिसको Virtual Private Network के नाम से भी जाना जाता है वह इंटरनेट इस्तेमाल करने का एक सुरक्षित तरीका भी है। जिसमें यूजर के वास्तविक IP Address को छिपाकर उसकी ऑनलाइन लोकेशन को बदल देता है और इस कारण से वेबसाइट्स और ऐप्स को यूजर की वास्तविक लोकेशन की बजाय VPN सर्वर की लोकेशन के हिसाब से दिखाया जाता है।
इसके साथ ही VPN इंटरनेट डेटा को एन्क्रिप्ट भी करता है, जिससे ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक करना और हैक करना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि प्रतिबंधित सेवाओं तक पहुंचने के लिए कई यूजर्स VPN का सहारा ले रहे है।