Phone Charging Electricity Consumption: आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक अनिवार्य हिस्सा बन गए हैं। चाहे ऑफिस की फाइलें निपटानी हों, ऑनलाइन पढ़ाई करनी हो या फिर सोशल मीडिया पर मनोरंजन, इन गैजेट्स के बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल हो गया है।
इन उपकरणों के भारी इस्तेमाल के कारण इन्हें रोजाना चार्ज करने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह बड़ा सवाल उठता है कि आखिर इन गैजेट्स को चार्ज करने में कितनी बिजली खर्च होती है? आइए, इस बारे में सब कुछ जानते हैं।
लैपटॉप की बैटरी बड़ी होती है और इसे चलाने के लिए अधिक पावर की आवश्यकता होती है। रिपोर्ट के अनुसार, एक लैपटॉप को नियमित रूप से इस्तेमाल और चार्ज करने पर सालभर में करीब 130 से 140 यूनिट तक बिजली खर्च हो सकती है।
इसका वार्षिक खर्च आपकी बिजली की दरों के आधार पर कुछ सौ रुपयों से लेकर 1500 रुपये या उससे अधिक भी हो सकता है। इसलिए, यदि आपके घर में एक से ज्यादा लैपटॉप का इस्तेमाल होता है, तो आपके बिजली के बिल में इसकी झलक साफ तौर पर देखी जा सकती है।
लैपटॉप के मुकाबले स्मार्टफोन की कहानी बिल्कुल अलग है। स्मार्टफोन की बिजली खपत वास्तव में बहुत ही कम होती है। आंकड़ों के अनुसार, एक सामान्य स्मार्टफोन को यदि रोजाना चार्ज किया जाए, तो वह पूरे साल में केवल 3 से 4 यूनिट बिजली की खपत करता है।
भारत में बिजली की दरें विभिन्न राज्यों में अलग-अलग हैं, लेकिन यदि एक औसत दर मानी जाए, तो पूरे साल मोबाइल चार्ज करने का खर्च मात्र कुछ दर्जन रुपयों से लेकर अधिकतम 50-60 रुपये तक ही आता है। यानी आपके स्मार्टफोन की चार्जिंग आपके बिजली के बिल पर कोई बड़ा बोझ नहीं डालती है।ृ
बिजली खपत के मामले में टैबलेट स्मार्टफोन और लैपटॉप के बीच की श्रेणी में आता है। एक टैबलेट को नियमित चार्ज करने पर सालभर में लगभग 15 से 20 यूनिट बिजली खर्च होती है। हालांकि इसका कुल खर्च लैपटॉप जितना अधिक नहीं है, लेकिन स्मार्टफोन की तुलना में यह अधिक है।
बिजली बचाने और अपने गैजेट्स की लाइफ बढ़ाने के लिए कुछ सरल आदतों को अपनाया जा सकता है। सबसे पहले, जैसे ही आपका डिवाइस फुल चार्ज हो जाए, चार्जर को स्विच से बंद कर दें या प्लग से निकाल दें। जरूरत के अनुसार ही चार्जिंग करें और ओवरचार्जिंग से बचें। ये छोटी-छोटी सावधानियां न केवल आपके बिजली के बिल को कम रखेंगी, बल्कि आपके कीमती गैजेट्स की बैटरी हेल्थ को भी दुरुस्त रखेंगी।
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अक्सर लोग डिवाइस के फुल चार्ज होने के बाद उसे तो हटा लेते हैं, लेकिन चार्जर को प्लग में लगा हुआ ही छोड़ देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही चार्जर से कोई डिवाइस न जुड़ा हो, लेकिन स्विच ऑन रहने पर वह थोड़ी-बहुत बिजली खींचता रहता है।
इसे 'फैंटम पावर' या 'स्टैंडबाय पावर' कहा जाता है। हालांकि इसकी मात्रा कम होती है, लेकिन लंबे समय में यह अनावश्यक बिजली की बर्बादी का कारण बनती है।