Nasa Nokia tower का क्या है प्लान। (सौ. AI) 
टेक्नॉलजी

चांद पर लगेगा मोबाइल टावर, नासा और Nokia का ऐतिहासिक मिशन

नासा आज Athena लैंडर को लॉन्च करने जा रहा है, जो Intuitive Machines के IM-2 मिशन का अहम हिस्सा है। इस मिशन के तहत चांद पर पहला मोबाइल नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जिसे Nokia के सहयोग से विकसित किया गया है।

सिमरन सिंह

नवभारत टेक डेस्क: डिजिटल युग में टेक्नोलॉजी तेजी से विकसित हो रही है, और अब इस क्रांति का विस्तार पृथ्वी से बाहर, चांद तक पहुंच चुका है। हाल ही में एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसके अनुसार चांद पर पहला मोबाइल नेटवर्क स्थापित किया जाएगा।

नासा आज लॉन्च करेगा Athena लैंडर

दरअसल, नासा आज Athena लैंडर को लॉन्च करने जा रहा है, जो Intuitive Machines के IM-2 मिशन का अहम हिस्सा है। इस मिशन के तहत चांद पर पहला मोबाइल नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जिसे Nokia के सहयोग से विकसित किया गया है।

कैसे काम करेगा यह नेटवर्क?

इस ऐतिहासिक पहल के लिए Lunar Surface Communication System (LSCS) विकसित किया गया है, जिसे Nokia ने डिजाइन किया है। यह सिस्टम धरती पर इस्तेमाल होने वाली सेल्युलर टेक्नोलॉजी का उपयोग करके चांद की सतह पर कनेक्टिविटी स्थापित करेगा।

क्या-क्या करेगा यह नेटवर्क?

यह अत्याधुनिक मोबाइल नेटवर्क चांद पर कई महत्वपूर्ण कार्यों में सहायक होगा, जिनमें शामिल हैं:

  • हाई-डेफिनिशन वीडियो स्ट्रीमिंग
  • कमांड और कंट्रोल कम्युनिकेशन
  • टेलीमेट्री डेटा ट्रांसफर

इस सिस्टम को विशेष रूप से स्पेस की कठिन परिस्थितियों जैसे अत्यधिक तापमान और रेडिएशन को सहने के लिए डिजाइन किया गया है।

किन उपकरणों से जुड़ेगा यह नेटवर्क?

इस मिशन में दो लूनर मोबिलिटी व्हीकल्स शामिल किए गए हैं:

  • Micro-Nova Hopper (Intuitive Machines)
  • Mobile Autonomous Prospecting Platform (MAPP) रोवर (Lunar Outpost)

ये व्हीकल्स Nokia के डिवाइस मॉड्यूल्स के माध्यम से लैंडर के नेटवर्क से कनेक्ट होंगे। टेक्नोलॉजी की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें

नासा का PRIME-1 मिशन भी होगा शामिल

नासा का Polar Resources Ice Mining Experiment 1 (PRIME-1) भी इस नेटवर्क के साथ चांद की सतह पर डिप्लॉय किया जाएगा। यह उपकरण चांद की सतह को ड्रिल करके रेगोलिथ निकालने और उसमें मौजूद वोलेटाइल्स का विश्लेषण करेगा।

स्पेस कम्युनिकेशन में ऐतिहासिक सफलता

चांद पर मोबाइल नेटवर्क की स्थापना को अंतरिक्ष संचार तकनीक में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। Nokia का लक्ष्य इस नेटवर्क के जरिए चांद पर दीर्घकालिक मानव गतिविधियों को समर्थन देना है।

कावेरी पानी का मुद्दा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, पीठ बोली- पहले कावेरी प्रबंधन प्राधिकरण के पास जाए तमिलनाडु

राहुल के घर गया दलित का पैसा? कर्नाटक में BJP का हल्लाबोल, मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे की मांग, कई नेता डीटेन

मणिपुर के सेनापति जिले में भड़की हिंसा, घरों में लगाई आग, CRPF जवान घायल, चश्मदीद ने बताई खौफनाक दास्तां

तमिलनाडु में मुफ्त योजनाओं का ऐलान, साल में 3 फ्री LPG सिलेंडर, महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए मुफ्त बस सफर

इनके आगे गिरगिट भी शर्मिंदा...CM योगी ने कांग्रेस के दोहरे आचरण पर बोला हमला, राहुल को ग्रंथ पढ़ने की दी नसीहत