WhatsApp New Password Feature: देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड और अकाउंट हैकिंग के बढ़ते मामलों के बीच WhatsApp ने यूजर्स की सुरक्षा को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। बता दें कि कंपनी अब टू-स्टेप वेरिफिकेशन में बड़ा बदलाव कर रही है। इसके तहत यूजर्स को पुराने 6 अंकों वाले PIN की जगह अक्षरों और नंबरों से बना मजबूत पासवर्ड सेट करने का विकल्प दिया जाएगा। इसके साथ ही WhatsApp ने पासकी और अनजान कॉल्स से जुड़े दो और सुरक्षा अपडेट भी पेश कर दिए हैं।
देखा जा रहा था कि अब तक WhatsApp के टू-स्टेप वेरिफिकेशन में 6 अंकों का PIN इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन नए फीचर के तहत यूजर्स कम से कम 8 कैरेक्टर का अल्फान्यूमेरिक पासवर्ड बना सकते है। जिसके अदंर कम से कम एक अक्षर और एक नंबर होना जरूरी होगा। वहीं इस बदलाव का मकसद अकाउंट टेकओवर के खतरे को कम करना है। वहीं छोटा PIN आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है जबकि लंबा और जटिल पासवर्ड किसी हमलावर के लिए काफी मुश्किल पैदा करने का काम करते है।
नया सिक्योरिटी फीचर इस्तेमाल करने के लिए आपको WhatsApp की Settings > Account > Two-step verification में जाना होगा। अगर आपके अकाउंट में यह विकल्प उपलब्ध हो चुका है तो यहीं से नया पासवर्ड सेट किया जा सकता है। हालांकि एक जरूरी बात समझना इसमें जरूरी है। यह पासवर्ड फोन नंबर वेरिफिकेशन के दौरान आने वाले OTP को खत्म नहीं करेगा। SMS के जरिए मिलने वाला वन-टाइम कोड पहले की तरह जरूरी रहेगा। नया पासवर्ड इसके ऊपर सिक्योरिटी की एक अतिरिक्त लेयर के रूप में काम करने वाला है।
इस बदलाव में WhatsApp ने पासकी सपोर्ट को भी आगे बढ़ाया है। जिसको लेकर कंपनी बताती है कि 1 अरब से ज्यादा लोग अपने अकाउंट की सुरक्षा के लिए पासकी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पारंपरिक पासवर्ड या कोड पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा Android यूजर्स के लिए अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स को लेकर भी अतिरिक्त जानकारी सामने आई है। जिसमें कॉल स्क्रीन पर यह पता चल सकेगा कि कॉल करने वाला व्यक्ति किसी दूसरे देश से है या फिर वह आपके साथ किसी WhatsApp ग्रुप में शामिल है। इससे संदिग्ध कॉल को पहचानना आसान हो सकता है।
नया अल्फान्यूमेरिक पासवर्ड फीचर को Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर चरणबद्ध तरीके से रोलआउट किया जा रहा है। ऐसे में अगर आपके फोन में अभी यह विकल्प दिखाई नहीं दे रहा है तो घबराने की जरूरत नहीं है। आने वाले अपडेट्स के साथ यह सुविधा उपलब्ध कर दी जाएगी। जिसका मकसद कुल मिलाकर WhatsApp का नया सिक्योरिटी सिस्टम अकाउंट की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाना गया है। लेकिन यूजर्स को भी मजबूत पासवर्ड रखने और किसी के साथ OTP साझा न करने जैसी बुनियादी सावधानियां हमेशा बरतनी होगी।