E-PRAAPTI Portal: आपने अपनी नौकरी बदली है और आपका कोई पुराना EPF खाता निष्क्रिय पड़ा है तो अब उसे ढूंढने और उसमें जमा रकम हासिल करने के लिए लंबी कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। बता दें कि सरकार ने इस समस्या का समाधान निकालते हुए E-PRAAPTI नाम का नया डिजिटल पोर्टल तैयार किया है जिसकी मदद से कर्मचारी अपने पुराने और निष्क्रिय PF खातों को आसानी से ट्रैक, एक्सेस और मौजूदा UAN से जोड़ सकते है। इस नए पोर्टल की जानकारी लोकसभा में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने दी। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि EPFO ने पुराने खातों को दोबारा सक्रिय करने और उनमें जमा राशि तक पहुंच आसान बनाने के उद्देश्य से इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को विकसित किया है।
E-PRAAPTI पोर्टल के बारे में बताए तो यह पूरी तरह आधार आधारित ऑथेंटिकेशन पर काम करेगा। जिसमें सबसे पहले सदस्य की पहचान आधार के जरिए सत्यापित की जाएगी। इसके बाद यूजर अपने पुराने निष्क्रिय PF खाते का पता लगा सकेगा और उसमें मौजूद राशि को सुरक्षित तरीके से अपने एक्टिव UAN अकाउंट में ट्रांसफर कर पाएगा। यही नहीं इस पोर्टल के जरिए पुराने PF खाते में जमा राशि का क्लेम भी किया जा सकता है। लेकिन यह सुविधा फिलहाल उन्हीं लोगों के लिए उपयोगी होगी जिन्हें अपने पुराने PF खाते की जानकारी पता है।
वहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों को अपना पुराना PF नंबर या अन्य पहचान संबंधी जानकारी याद नहीं है, उनके लिए फिलहाल इस सुविधा का दायरा बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है।
रिपोर्ट्स में साफ किया गया है कि नया सिस्टम कागजी कार्रवाई को काफी हद तक कम करेगा और कई प्रक्रियाएं बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के पूरी हो सकेंगी। इसके साथ ही KYC अपडेट कराने के लिए संयुक्त घोषणा पत्र भी अब डिजिटल रूप से जमा किया जा सकता है। इससे पुराने निष्क्रिय EPF खातों का निपटान पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी और आसान होगा। वहीं खासतौर पर उन कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी जो बार-बार नौकरी बदलते हैं और हर बार पुराने PF खाते को ट्रांसफर कराने में परेशानी का सामना करते हैं।
जैसा कि आपको पता है कि UAN सिस्टम लागू होने से पहले कई कर्मचारियों के अलग-अलग PF खाते बन जाते थे। नौकरी बदलने के बाद इनमें से कई खाते निष्क्रिय हो गए और लोग उनकी जानकारी भी भूल गए। ऐसे में E-PRAAPTI पोर्टल का उद्देश्य पुराने PF खातों को ढूंढने, उनकी राशि ट्रांसफर करने और पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर कर्मचारियों का समय और मेहनत दोनों बचाना है। ऐसे में डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में यह कदम लाखों कर्मचारियों के लिए राहत साबित हो सकता है खासकर उन लोगों के लिए जिनकी मेहनत की कमाई सालों से पुराने PF खातों में फंसी हुई है।