Ashwini Vaishnaw (Source. X) 
टेक्नॉलजी

सरकार का सख्त संदेश: नियम नहीं माने तो रुकेगा पैसा, कंपनियों पर 15 दिन का अल्टीमेटम

Electronics Manufacturing को मजबूत बनाने के लिए सरकार अब सख्त रुख अपनाने लगी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है और सभी कंपनियों को इसके बारें में सूचने को कहा है।

सिमरन सिंह

Ashwini Vaishnaw Statement: देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत बनाने के लिए सरकार अब सख्त रुख अपनाने लगी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर कंपनियां तय मानकों पर खरी नहीं उतरीं, तो उन्हें मिलने वाली सरकारी फंडिंग रोकी जा सकती है। इस फैसले का सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ेगा जो इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तहत लाभ ले रही हैं।

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में सरकार ने ECMS के तहत 29 नए प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिनमें करीब 7,104 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। लेकिन इसके साथ ही सरकार ने साफ कर दिया है कि जो कंपनियां प्रोडक्ट डिजाइन टेक्नोलॉजी में निवेश नहीं करेंगी, उन्हें इस योजना से बाहर किया जा सकता है। अश्विनी वैष्णव ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "अगर इंडस्ट्री की तरफ से जरूरी कोशिशें नहीं की जाती हैं, तो मैं आगे के किसी भी पेमेंट या मंज़ूरी को रोकने के लिए तैयार हूं"

इंडस्ट्री को लगाई फटकार

मंत्री ने इंडस्ट्री बॉडी ICEA (इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन) और उससे जुड़ी कंपनियों को भी जमकर फटकार लगाई। उनका कहना है कि कंपनियां सरकार द्वारा तय किए गए इंटीग्रेटेड अप्रोच का सही तरीके से पालन नहीं कर रही हैं। उन्होंने साफ कहा कि देश को अब सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग ही नहीं, बल्कि डिजाइन और क्वालिटी में भी आत्मनिर्भर बनना होगा।

जो निवेश नहीं करेगा, उसे बाहर किया जाएगा

अश्विनी वैष्णव ने बेहद सख्त लहजे में कहा, "समय के साथ, जो लोग डिज़ाइन में निवेश नहीं करेंगे, उन्हें बाहर कर दिया जाएगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें बाहर कर दिया जाए। मैं यह बात बहुत साफ़ और खुले तौर पर कह रहा हूँ, क्योंकि यह हमारे देश के लिए बहुत-बहुत ज़रूरी है, और हमारी पार्टी में, हम हमेशा 'राष्ट्र पहले' में विश्वास रखते हैं हमेशा सबसे पहले" उन्होंने यह भी जोर दिया कि भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन, कंपोनेंट डिजाइन और मशीन डिजाइन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ना होगा।

15 दिनों का अल्टीमेटम

सरकार ने सभी कंपनियों को 15 दिनों की समय सीमा दी है, जिसमें उन्हें यह बताना होगा कि वे सरकार की शर्तों को पूरा करने के लिए क्या कदम उठा रही हैं। इन शर्तों में शामिल हैं:

  • प्रोडक्ट डिजाइन टेक्नोलॉजी में निवेश
  • सिक्स सिग्मा स्टैंडर्ड्स को अपनाना
  • टैलेंट डेवलपमेंट
  • लोकल सोर्सिंग को बढ़ावा देना

सिक्स सिग्मा एक ऐसी तकनीक है जो प्रोडक्शन में कमियों को कम कर लगभग परफेक्ट क्वालिटी सुनिश्चित करती है।

75 कंपनियों पर टिकी नजर

सरकार ने साफ किया है कि ECMS के तहत अब तक मंजूर किए गए 75 सभी आवेदकों को इस तय समय के भीतर अपनी रणनीति पेश करनी होगी। जो कंपनियां इस कसौटी पर खरी नहीं उतरेंगी, उनके लिए आगे का रास्ता मुश्किल हो सकता है।

क्या होगा इसका असर?

सरकार के इस सख्त कदम से इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में क्वालिटी और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम साबित हो सकता है।

आज की ताजा खबर 15 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिनभर की सभी बड़ी खबरें

छात्रों की भावनाएं महत्वपूर्ण...CJI की फटकार के बाद बैकफुट पर BCI अध्यक्ष मनन मिश्रा, लॉ छात्रों से मांगी माफी

तिरंगा फहराने पहुंचीं TMC नेता उपासना चौधरी पर फेंके अंडे, BJP-ABVP पर हमले का आरोप; मचा सियासी बवाल

नक्सलियों के गढ़ में पहली बार लहराया तिरंगा, अबूझमाड़ के नौ गांवों ने मनाया आजादी का जश्न

Jharkhand Protest: छात्रों ने 20 अगस्त को CM आवास घेरने का किया ऐलान, मांगा CM सोरेन का इस्तीफा