BSNL-Starlink Partnership: भारत जैसे देश में जहां अब लगभग हर घर तक तकनीक को पहुचाया जा रहा है वहां भी देश के करोड़ों लोग आज भी खराब इंटरनेट और कमजोर मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं यह समस्या ज्यादातर गांवों, पहाड़ी इलाकों और जंगलों में रहने वाले लोगों के लिए आम से वीडियो कॉल या ऑनलाइन पढ़ाई को बड़ी चुनौती बना देता है। लेकिन लगता है कि अब यह परेशानी जल्द खत्म हो सकती है। बता दें कि सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL और एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink के बीच एक बड़ी रणनीतिक साझेदारी होने को लेकर चर्चा हो रही है।
ऐसे में बताया जा रहा है कि अगर यह डील फाइनल हो जाती है तो भारत के दूर-दराज इलाकों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट और 4G/5G नेटवर्क पहुंच जाएगा।
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि BSNL और Starlink के बीच सैटेलाइट बैकहॉल को लेकर शुरुआती बातचीत हुई है। जिसका साफ मतलब है कि जिन इलाकों में फाइबर केबल बिछाना मुश्किल और बेहद महंगा है वहां सीधे सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट पहुंचाया जाएगा। इस लिस्ट में पूर्वोत्तर भारत, हिमालयी क्षेत्र और दूरदराज के द्वीपों में नेटवर्क पहुंचाना हमेशा से बड़ी चुनौती रहा है। ऐसे में BSNL Starlink की सैटेलाइट्स से जोड़ कर इन इलाकों में भी नेटर्वक लाना चाहता है। जिससे बिना लंबी केबल बिछाए कुछ ही हफ्तों में हाई-स्पीड इंटरनेट शुरू किया जा सकेंगा।
इस नई साझेदारी से भारत में Starlink अपनी सेवाएं शुरु करने के लिए कई सरकारी मंजूरियों और सुरक्षा नियमों का पालन करना पड़ेगा। ऐसे में किसी सरकारी कंपनी के साथ साझेदारी करना उसके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। वहीं दूसरी तरफ BSNL को भी Starlink की एडवांस सैटेलाइट टेक्नोलॉजी का लाभ मिलेगा। जिसको लेकर बतााया जा रहा है कि फिलहाल Starlink के पास भारत में मजबूत रिटेल नेटवर्क नहीं है। BSNL के साथ हाथ मिलाने पर कंपनी देशभर में फैले उसके डिस्ट्रीब्यूटर्स और इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा उठा सकती है।
भविष्य को देखा जाए अगर यह साझेदारी सफल होती है तो सरकार के Digital India मिशन को बड़ा बूस्ट मिल सकता है। ऐसे में मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार भारत के गांवों में टेलीफोन सेवाओं की पहुंच अभी सिर्फ 60.02% तक है और सरकार इसे 100% तक ले जाना चाहती है। जिसके लिए 30 हजार गांवों की पहचान की गई है। इसके अलावा आपदा के समय सैटेलाइट नेटवर्क सामान्य नेटवर्क की तुलना में ज्यादा भरोसेमंद माना जा रहा है। जो बैंक, सरकारी विभाग और पब्लिक सेक्टर कंपनियों को भी बेहतर और लगातार इंटरनेट कनेक्टिविटी दे सकता है।
ये भी पढ़े: UPI Payment अटक जाए तो घबराइए नहीं, जानिए ऐसी स्थिति में क्या करें? पैसा वापस पाने का आसान तरीका
इस नई पहल को लेकर टेक एक्सपर्ट्स मानते है कि अगर BSNL और Starlink की यह साझेदारी सही तरह से हो जाती है तो भारत में इंटरनेट एक्सेस की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। इसका फायदा खासकर उन लोगों को होगा जो अब तक डिजिटल दुनिया से पूरी तरह नहीं जुड़ हैं।