BSNL के 26 साल हुए पूरे। Source. Gemini
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BSNL Foundation Day: 26 साल का हुआ सरकारी टेलीकॉम दिग्गज, अब 4G नेटवर्क से बदल रहा अपना अंदाज

BSNL 4G Network: BSNL ने देश के बड़े हिस्से को टेलीकॉम सेवाओं से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। जिसको 1 अक्टूबर 2000 में शुरू किया गया था। और इसका युगदान देश में काफी रहा है।

सिमरन सिंह

BSNL History: भारत में मोबाइल और इंटरनेट के दौर से पहले टेलीकॉम कनेक्टिविटी का मतलब काफी हद तक लैंडलाइन और सरकारी नेटवर्क से था। इसी सफर में BSNL ने देश के बड़े हिस्से को टेलीकॉम सेवाओं से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। वहीं आज यानी 1 अक्टूबर को BSNL अपना Foundation Day मना रहा है। वहीं इसी दिन से कंपनी ने 1 अक्टूबर 2000 में टेलीकॉम सेवाओं का संचालन संभाला था। लेकिन Department of Telecommunications के रिकॉर्ड के मुताबिक BSNL का गठन 15 सितंबर 2000 को हुआ था और 1 अक्टूबर से इसने तत्कालीन दूरसंचार विभाग की सेवाओं का काम संभाला था।

सरकारी विभाग से BSNL बनने तक का सफर

BSNL बनने से पहले देश में टेलीकॉम सेवाओं से जुड़ा काम Department of Telecom Services (DTS) और Department of Telecom Operations (DTO) के जरिए किया जाता था। लेकिन अक्टूबर 2000 में इन सेवाओं को कॉरपोरेट रूप देकर BSNL को संचालन की जिम्मेदारी दी गई। वहीं कंपनी ने वायरलाइन, मोबाइल, इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और दूसरी टेलीकॉम सेवाओं का विस्तार किया गया था। जिसमें खास तौर पर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाने में BSNL की भूमिका लंबे समय से रही है। वहीं आज भी सरकार की कई योजनाओं के तहत कंपनी को ऐसे क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार की जिम्मेदारी मिली हुई है।

अब स्वदेशी 4G नेटवर्क पर बड़ा फोकस

BSNL का मौजूदा दौर पुराने लैंडलाइन नेटवर्क तक सीमित नहीं है। बता दें कि कंपनी अब देशभर में स्वदेशी तकनीक पर आधारित 4G नेटवर्क का विस्तार कर रही है। वहीं सरकार के मुताबिक 28 फरवरी 2026 तक BSNL की 97,906 4G साइट्स इंस्टॉल हो चुकी थीं जिनमें 96,103 साइट्स ऑन-एयर थीं। इन साइट्स में इस्तेमाल तकनीक को भविष्य में 5G के लिए अपग्रेड किया जा सकता है। यह नेटवर्क C-DOT के कोर, Tejas Networks के RAN और TCS के इंटीग्रेशन पर आधारित स्वदेशी 4G स्टैक से जुड़ा है।

दूरदराज के इलाकों में भी कनेक्टिविटी पर जोर

BSNL सिर्फ व्यावसायिक इलाकों में नेटवर्क बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसमें सरकार की 4G Saturation Scheme के तहत उन गांवों और क्षेत्रों में भी कनेक्टिविटी पहुंचाने पर काम हो रहा है जहां निजी तौर पर नेटवर्क लगाना व्यावसायिक रूप से आसान नहीं है। वहीं फरवरी 2026 तक करीब 30,000 गांवों को इस योजना के तहत चिन्हित किया गया था। जिसका सीधा मतलब है कि 26 साल के सफर में BSNL का रोल सिर्फ एक सरकारी टेलीकॉम कंपनी का नहीं रहा। अब इसका अगला चरण पुराने नेटवर्क को आधुनिक 4G इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलने और देश के ग्रामीण व दूरदराज हिस्सों तक डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत करने पर केंद्रित है।

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