Google Pay ने किया यूजर्स को सावधान। (सौ. Freepik) 
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Google Pay की चेतावनी: स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स से बढ़ रहा ठगी का खतरा

Screen Share Fraud: ऑनलाइन स्कैम के मामले लगातार बढ़ रहे हैं ऐसे में डिजिटल पेमेंट कंपनी Google Pay ने अपने ग्राहकों को बड़ा अलर्ट जारी किया है। ताकी वह किसी ठगी का शिकार न हो।

सिमरन सिंह

Google Pay Alert: देश में ऑनलाइन स्कैम के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और ठग नए-नए हथकंडों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में डिजिटल पेमेंट कंपनी गूगल पे (Google Pay) ने अपने ग्राहकों को बड़ा अलर्ट जारी किया है। कंपनी ने कहा है कि अगर आपके फोन में कोई स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल है तो उसे तुरंत हटा दें, वरना आपका बैंक खाता खाली हो सकता है।

कैसे काम करते हैं ये ऐप्स?

स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स के ज़रिए आपके स्मार्टफोन की स्क्रीन किसी और के साथ शेयर हो जाती है। यानी आपकी स्क्रीन पर क्या चल रहा है, यह दूसरी तरफ बैठे व्यक्ति को साफ-साफ दिखाई देता है। आमतौर पर इन ऐप्स का इस्तेमाल फोन, टैबलेट या लैपटॉप को रिमोटली फिक्स करने के लिए किया जाता है, लेकिन स्कैमर्स इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

क्यों खतरनाक हैं स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स?

गूगल पे के मुताबिक, "स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स के ज़रिए ठग आपके डिवाइस को कंट्रोल कर सकते हैं। वे आपके फोन से ट्रांजैक्शन कर सकते हैं, कार्ड डिटेल्स चुरा सकते हैं और यहां तक कि OTP व मैसेज पर भी पूरा एक्सेस पा सकते हैं।" यही वजह है कि ऐसे ऐप्स आपके लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।

स्कैमर्स कैसे करते हैं वारदात?

जैसे ही आप स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल करते हैं, स्कैमर्स को आपके डिवाइस का एक्सेस मिल जाता है। वे रियल-टाइम में आपके बैंकिंग ऐप्स, पेमेंट ट्रांजैक्शन और मैसेज को देख सकते हैं। कई मामलों में देखा गया है कि ठग झांसा देकर यूज़र से ओटीपी शेयर करा लेते हैं और सेकेंडों में बैंक खाता खाली कर देते हैं।

इन ऐप्स से रहें दूर

विशेषज्ञों का कहना है कि Screen Share, AnyDesk और TeamViewer जैसी ऐप्स का इस्तेमाल बहुत लोग करते हैं। लेकिन अगर आप मोबाइल बैंकिंग या डिजिटल पेमेंट ऐप्स का उपयोग कर रहे हैं, तो इन स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स को फोन में इंस्टॉल रखना बेहद खतरनाक हो सकता है। बेहतर होगा कि आप इन्हें तुरंत डिलीट कर दें।

सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के लिए जरूरी सावधानियां

  • किसी भी अनजान लिंक या कॉल से बचें।
  • स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स का इस्तेमाल पेमेंट करते समय न करें।
  • ओटीपी या बैंकिंग डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
  • फोन में केवल भरोसेमंद और जरूरी ऐप्स ही रखें।

ध्यान दें

ऑनलाइन पेमेंट जितना आसान हुआ है, उतना ही जोखिम भरा भी। गूगल पे की यह चेतावनी बताती है कि स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स आपके लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। डिजिटल ट्रांजैक्शन करते समय सतर्क रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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