AI Gift Card Scam (Source. Freepik) 
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AI Gift Card Scam: खाते से उड़ गए पैसे, ChatGPT और Gemini के नाम पर नया फ्रॉड, जानें क्या है बड़ा खतरा

New AI Gift Card Scam: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल आज के समय में भविष्य की तस्वीर बन गया है। जिसका इस्तेमाल करके लोग स्कूल से लेकर कोई सवाल पूछना, ऑफिस का काम सब कुछ AI से कर रहे है।

सिमरन सिंह

Credit Card Scam: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल आज के समय में भविष्य की तस्वीर बन गया है। जिसका इस्तेमाल करके लोग स्कूल से लेकर कोई सवाल पूछना, ऑफिस का काम करना सब कुछ AI टूल्स से किया जा सकता है। वहीं आज केसमय में AI जिंदगी को एक तरह आसान बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह तकनीक साइबर ठगों के लिए नया हथियार बनता जा रहा है। बता दें कि ChatGPT, Google Gemini और Claude एक खतरनाक AI Gift Card Scam बनाने लगा है, जिससे ठग यूजर्स के ऊपर सीधा हमला करता है।

कैसे काम कर रहा है यह खतरनाक AI स्कैम?

यह नया स्कैम इतना खतरनाक है कि यूजर्स को इसके बारे में आसानी से पता भी नहीं चलता और उनके क्रेडिट कार्ड से महंगे गिफ्ट कार्ड्स अपने आप खरीद लिया जाता हैं। इस खेल की शुरुआत तब होती है जब यूजर AI सर्विस का सब्सक्रिप्शन खरीदने के लिए अपने कार्ड से पेमेंट करता है। जिसपर हैकर्स की नजर होती है और वो बिना किसी OTP या अतिरिक्त वेरिफिकेशन के कई गिफ्ट कार्ड्स खरीद सकते है। हैरानी की बात यह है किस तरह की ट्रांजेक्शन बैंक स्टेटमेंट में बिल्कुल सामान्य सब्सक्रिप्शन पेमेंट की तरह ही नजर आती है, जिससे शुरु में तो यूजर को शक नहीं होता और को भी नहीं पता चलता है।

यूजर्स को ऐसे किया जा रहा है गुमराह

ठग इस स्कैम को भरोसेमंद दिखाने के लिए गिफ्ट कार्ड खरीदने के बाद कन्फर्मेशन ईमेल सीधे यूजर के रजिस्टर्ड ईमेल पर भी भेजते हैं। जिससे युजर्स को यह धोखा होता है कि यह कोई ऑफर या अपडेट है। इसके अलावा ठग एक साथ बड़ी रकम नहीं निकालते उसकी जगह छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन को पूरा किया जाता है। जिससे बैंक का फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम एक्टिव नहीं हो पाता। इस तरह के मामले से पीड़ित हुए कई लोगों ने बताया है कि सब्सक्रिप्शन लेने के कुछ दिनों बाद ये चार्ज धीरे-धीरे कटने लगते हैं, जिससे उनके पास असली समस्या की कोई वजह सामने नहीं आती।

कंपनी का क्या है कहना?

ठगी की ऐसी वारदात सामने आने के बाद ChatGPT और Gemini जैसे सर्विस प्रोवाइडर्स ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनके द्वारा दी जा रही मुख्य पेमेंट सिस्टम में इस तरह की कोई भी सुरक्षा चूक नहीं देखी जा रही है। लेकिन उन्होंने अपनी तरफ से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और फ्रॉड साबित होने पर रिफंड देने का आश्वासन जरूर दिया है। इसके अलावा इस पूरे मामले पर विशेषज्ञों का कहना है कि ठग कमजोर पासवर्ड या ईमेल अकाउंट की सिक्योरिटी में कमी वाले यूजर्स को निशाना बना रहे है।

घबराइए नहीं, ऐसे करें खुद का बचाव

आप भी उन लोगों में आते है जो AI टूल्स का इस्तेमाल करते हैं तो आपको कुछ सावधानियों के बारे में पता होना चाहिए जिससे इस ठगी से आप बचे रह सके:

  • समय-समय पर अपने बैंक और क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट जरूर चेक करें
  • AI अकाउंट्स और ईमेल पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन तुरंत ऑन करें
  • अपने कार्ड पर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन लिमिट सेट करें
  • किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर तुरंत बैंक और सर्विस प्रोवाइडर को सूचित करें

हल्का विश्लेषण: क्यों बढ़ रहा है यह खतरा?

इस तरह की ठगी के पीछे की वजह AI का बढ़ता इस्तेमाल और लोगों का उसपर भरोसा है। जिसको देखते हुए साइबर अपराधी तकनीक के साथ आगे बढ़ते हुए लोगों को नए जाल में फंसा रहे है। ऐसे में अगर आप AI का इस्तेमाल कर रहे है तो सावधानी रखना जरूरी है। जिसके लिए आप एक मजबूत पासवर्ड और सही ईमेल अकाउंट की सिक्योरिटी का सहारा ले सकते है।

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