नवभारत न्यूज नेटवर्कपुणे/मुंबई: पुणे हिट एंड रन मामले के कारण महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। अनिल देशमुख और राहुल गांधी के बाद अब कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल लोंढे ने उप मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। लोंढे ने फडणवीस से अमीरजादे अपराधियों के लिए पिज्जा पकोड़ा योजना शुरू करने की मांग की है।
बता दें कि पुणे में शराब के नशे में धुत होकर लापरवाही से विदेशी मॉडल की पोर्श कार चला रहे नाबालिग ने दो लोगों को कुचल दिया। विपक्षी दल ने इस केस में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए हादसे को 'दबाने" का आरोप लगाया है।
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि आरोपी नाबालिग को पुलिस स्टेशन में "पिज्जा और बर्गर" परोसा गया और उन्होंने इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ "सख्त कार्रवाई" की मांग की थी। लोंढे ने सोशल नेटवर्किंग साइट 'एक्स' पर साझा की गई पोस्ट में फडणवीस पर निशाना साधते हुए लिखा है, 'पकौड़ा से लेकर पिज़्ज़ा तक भाजपा का यह सफर अद्भुत है। हम गृहमंत्री फडणवीस से विनती करते हैं कि पकौड़ा योजना की तर्ज पर गुनहगार अमीरजादों के लिए पिज्जा योजना शुरू कर देनी चाहिए।'
ये है मामला पुणे में कुछ दोस्त पार्टी करने के बाद रविवार तड़के करीब सवा तीन बजे मोटरसाइकिल से लौट रहे थे, तभी तेज गति से आ रही पोर्श कार ने कल्याणी नगर चौराहे पर उनमें से एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे मोटरसाइकिल पर सवार अनीस अवधिया और अश्विनी कोस्टा की मौत हो गई। दोनों की उम्र 24 वर्ष थी। वे आईटी पेशेवर थे और मध्य प्रदेश के रहने वाले थे। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किशोर ड्राइवर को हिरासत में लिया, लेकिन 15 घंटे के अंदर ही कोर्ट ने उसे जमानत दे दी।
सड़क दुर्घटनाओं पर एक निबंध लिखने के लिए कहते हुए उसी दिन किशोर को जमानत देने के किशोर न्याय बोर्ड के फैसले की तीखी आलोचना भी हुई है। कांग्रेस नेता अतुल लोंढे ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद पुलिस स्टेशन में किशोर को "पिज्जा और बर्गर" परोसा गया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने में पुलिस की तत्परता की कमी पर सवाल उठाया और कहा, "क्या पुलिस पर कोई राजनीतिक दबाव था? इसका जवाब लोगों को मिलना चाहिए। इस मामले को संभालने वाले सभी पुलिसवालों को निलंबित किया जाना चाहिए और कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। क्या अन्य नागरिकों को भी वैसी ही तत्परता और विशेष व्यवहार मिलता है?"