मुंबई. कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के बढ़ते मामलों ने महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) का टेंशन बढ़ा दिया है। इसी बीच राज्य में 24 घंटे के भीतर 18 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं, जिसमें से 10,860 मामले अकेले मुंबई में दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा 40 ओमिक्रॉन संक्रमित मिले हैं। राजधानी मुंबई कोरोना का हॉटस्पॉट बन गया है। जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन कड़े कदम उठा रहा हैं। बीएमसी ने नई सीलिंग गाइडलाइन (fresh guidelines for sealing of buildings) जारी की है। जिसके तहत अगर किसी सोसायटी में 20% से अधिक फ्लैट कोरोना की चपेट में आए तो उन्हें सील कर दिया जाएगा।
इमारतों को सील करने की गाइडलाइन के मुताबिक किसी इमारत की विंग या कॉम्प्लेक्स या सोसाइटी में यदि 20 फीसदी से अधिक फ्लैट कोरोना वायरस की गिरफ्त में आते हैं तो उसे सील कर दिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर किसी विंग में 20 फ्लैट है और उसमें से 2 फ्लैट में कोविड मरीज मिलते हैं तो उस विंग को सील कर दिया जाएगा।
https://twitter.com/ANI/status/1478394558841040899
इससे पहले किसी इमारत में यदि 5 या उससे अधिक मरीज मिलते थे तो इमारत को सील कर दिया जाता है। होम क्वारंटाइन में रहने वाले पॉजिटिव मरीजों को लक्षण आने से 10 दिन तक घर में रहना होगा यदि इस बीच उसे 3 दिनों तक कोई लक्षण नहीं है तो टेस्टिंग के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
वहीं हाई रिस्क कॉन्टैक्ट को 7 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन होना होगा उसके बाद पांचवें या सातवें दिन उसकी टेस्टिंग की जाएगी रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा। सोसाइटी के कमिटी की यह जिम्मेदारी होगी कि प्रभावित परिवार को अतिआवश्यक सामग्री पहुंचती रहे।