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राज्य

यूपी में बनेगा वैश्विक आलू केंद्र, पराग के छह प्लांट निजी क्षेत्र को जाएंगे, कैबिनेट ने 25 लाख स्मार्ट फोन को दी मंजूरी

शुभम सोनडवले

-राजेश मिश्र

लखनऊ: योगी सरकार उत्तर प्रदेश के आगरा में अंतर्राष्ट्रीय आलू शोध केंद्र की स्थापना करेगी। प्रदेश में प्रादेशिक कोआपरेटिव डेरी फेडरेशन (पीसीडीएफ) की छह इकाइयों को पट्टे पर निजी क्षेत्र को दिया जाएगा। प्रदेश सरकार युवाओं को निशुल्क वितरण के लिए इस साल 25 लाख स्मार्ट फोन की खरीद करेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुयी मंत्रिपरिषद की बैठक में आलू किसानों की बेहतरी के प्रदेश में आलू बेल्ट कहे जाने वाले आगरा में अंतरराष्ट्रीय शोध केंद्र खोले जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। इस केंद्र की स्थापना के लिए आगरा में मौजूद उद्यान विभाग की जमीन स्थानांतरित की जाएगी। इससे पहले प्रदेश सरकार वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र की स्थापना कर चुकी है। इस फैसले की जानकारी देते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पहले प्रदेश में वैश्विक स्तर के कृषि केंद्र नहीं थे जबकि अब चावल के साथ आलू के लिए केंद्र खोला जाएगा। उन्होंने बताया की आगरा में उद्यान विभाग की 10 हेक्टेयर जमीन राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड को 99 साल की लीज पर दिया जाएगा। इस केंद्र की स्थापना पर 131 करोड़ रूपये खर्च होंगे जिसमें से 66 करोड़ ढांचागत सुविधाओं के विकास पर खर्च होंगे।

मंत्रिपरिषद के फैसलों की जानकारी देते हुए प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रदेश में पराग ब्रांड से दुग्ध उत्पाद बनाने वाली पीसीडीएफ की छह इकाइयों को निजी क्षेत्र को सौंपे जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है। गोरखपुर, मुरादाबाद, कानपुर, नोयडा, प्रयागराज और आजमगढ़ में पराग के इन प्लांटों को 10 साल के लिए निजी क्षेत्र को पट्टे पर दिया जाएगा। प्रस्ताव के मुतबाकि इन इकाइयों को पट्टे पर लेने वाली निजी कंपनी को अन्य राज्यों से भी दूध खरीद की अनुमति होगी।

मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री अप्रैंटिसशिप योजना की पात्रता में अब स्नातक पास युवाओं को भी शामिल किएजाने के प्रस्ताव को हरी झंड़ी दे दी है। इस योजना के तहत इस साल दस लाख युवाओं को चयनित कर उन्हें प्रोत्साहन भत्ता दिया जाएगा। योजना के तहत युवाओं को मिलने वाले 9000 रुपये मासिक में 4500 रुपये केंद्र सरकार, 3500 निजी क्षेत्र के नियोक्ता के द्वारा जबकि 1000 रुपये राज्य सरकार की हिस्सेदारी रहेगी। प्रदेश में बिजनौर जिले के धामपुर में एक और टाइगर रिजर्व बनाने के प्रस्ताव को भी मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली है। इसके लिए वहां जमीन का अधिग्रहण कर पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

खन्ना ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में बायो डीजल के उत्पादन व बिक्री के लिए नियमावली को मंजूरी दी है। इसके तहत बायो डीजल का निर्माण करने वाली इकाइयों को पंजीकरण कराना होगा किंतु उन्हें मिक्सिंग की अनुमति नहीं होगी। उक्त इकाइयां बायो डीजल का उत्पादन कर उनकी बिक्री करेंगी। वित्त मंत्री ने बताया कि मेरठ में आबादी के बीच शहर में मौजूद बस स्टेशन को स्थानांतिरत करने की परियोजना को मंजूरी दी गयी है। इस परियोजना की लागत 30000 करोड़ रुपये से अधिक होगी। जिसमें 5872 करोड़ रुपये केंद्र सरकार, 1180 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार जबकि 6048 करोड़ राज्य सरकार लगाएगी।

एक अन्य फैसले में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत निशुल्क स्मार्टफोन वितरण किए जाने संबंधी प्रस्ताव को पारित किया गया। इसके मुताबिक वर्ष 2023 -24 के लिए 25 लाख स्मार्टफोन खरीदे जाएंगे।

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