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अजीत अगरकर के खराब व्यवहार से तंग आकर कोहली ने टेस्ट क्रिकेट छोड़ा।
जनवरी 2025 में रणजी खेलकर इंग्लैंड सीरीज की तैयारी कर रहे थे।
टेस्ट में ऐतिहासिक आंकड़ा छूने से चूके।
Wasim Jaffer Statement Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट टीम के दो अनुभवी खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा ने पिछले साल महज एक सप्ताह के भीतर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर पूरे खेल जगत को हैरान कर दिया था।
रोहित शर्मा ने जहां IPL 2025 के दौरान टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने का ऐलान किया था तो वहीं इसके कुछ ही दिनों बाद विराट कोहली ने भी इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया।
कोहली के इस अचानक फैसले ने सबको इसलिए भी हैरान कर दिया, क्योंकि इसके ठीक बाद भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की एक बेहद महत्वपूर्ण सीरीज खेलनी थी। अब इस पूरे घटनाक्रम पर भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज वसीम जाफर का एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसने क्रिकेट गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
वसीम जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान दावा किया कि विराट कोहली ने BCCI या चयनकर्ताओं से नाराजगी के चलते टेस्ट क्रिकेट छोड़ने का फैसला किया था। जाफर ने अजीत अगरकर की अगुआई वाली राष्ट्रीय चयन समिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने कोहली जैसे महान खिलाड़ी के साथ सही व्यवहार नहीं किया।
वसीम जाफर के अनुसार, कोहली के कद के खिलाड़ी को और अधिक सम्मान मिलना चाहिए था, क्योंकि वह न सिर्फ एक बेहतरीन बल्लेबाज हैं, बल्कि दुनिया भर के प्रशंसकों को मैदान तक खींचने की ताकत रखते हैं। वहीं जाफर ने कहा कि मुझे लगा कि कोहली के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे वह थोड़े नाराज थे।
उनके साथ बहुत गलत हुआ। जब तक कोहली खुद इस बारे में खुलकर नहीं बोलते, तब तक हमें इसकी असली वजह पता नहीं चलेगी। लेकिन यह सच है कि वह इंग्लैंड दौरे के लिए पूरी तरह से तैयारी कर रहे थे और इस पूरे मामले को बहुत बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था।
विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट के प्रति कितने गंभीर थे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी 2025 में उन्होंने घरेलू क्रिकेट का रुख किया और दिल्ली के लिए रणजी ट्रॉफी मैच भी खेला। लेकिन अप्रैल आते-आते स्थितियां पूरी तरह बदल गई।
चयनकर्ताओं के रवैये से निराश होकर कोहली ने अंततः यह तय कर लिया कि वह इंग्लैंड दौरे पर नहीं जाएंगे। हालांकि, बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों और उनके कुछ करीबी लोगों ने उन्हें मनाने और फैसले पर दोबारा विचार करने की पूरी कोशिश की, लेकिन कोहली अपने फैसले पर अडिग रहे।
इस अचानक संन्यास की वजह से विराट कोहली कई बड़े रिकॉर्ड्स बनाने से चूक गए। वह अपने 125 टेस्ट मैच पूरे करने से महज 2 मैच दूर थे, जिससे वह महान सुनील गावस्कर की बराबरी कर लेते।
इसके अलावा, टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रनों का ऐतिहासिक आंकड़ा छूने के लिए उन्हें केवल 770 रनों की जरूरत थी। अगर वह ऐसा कर लेते तो यह उपलब्धि हासिल करने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बनते। इतना ही नहीं, वह टेस्ट में 35 शतक पूरे करने से भी सिर्फ 5 शतक दूर रह गए।