अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया) 
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अमेरिका में सिर्फ 'सही लोगों' को ही मिलेगी एंट्री! FIFA World Cup Visa विवाद पर डोनाल्ड ट्रंप सख्त

FIFA World Cup Visa: फीफा विश्व कप वीजा विवाद के बीच ट्रंप ने साफ किया है कि अमेरिका की कड़ी सुरक्षा और इमिग्रेशन नीतियों के तहत केवल जांचे-परखे लोगों को ही टूर्नामेंट में आने की अनुमति मिलेगी।

प्रिया सिंह

Donald Trump On FIFA World Cup Visa: अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में फीफा विश्व कप 2026 होने जा रहा है जिसमें 104 मैच खेले जाएंगे। इस बड़े टूर्नामेंट से पहले ही अमेरिकी इमिग्रेशन नीतियां पूरी दुनिया में विवाद का बड़ा विषय बन गई हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी सरकार केवल सही लोगों को ही अमेरिका आने की अनुमति देगी। इस सख्त बयान से पूरी दुनिया के फुटबॉल फैंस और कई टीमों के खिलाड़ियों की चिंताएं अब बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं।

ट्रंप का कहना है कि अमेरिका विश्व कप के मेहमानों की आवाजाही को आसान बनाने के साथ ही देश की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा। हालांकि इन सख्त नीतियों के कारण खिलाड़ियों, रेफरियों और प्रशंसकों को भारी वीजा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने भी इस अहम मामले में अपना भारी विरोध जताया है। उन्होंने नस्लीय भेदभाव और वीजा मिलने में देरी जैसी भयानक समस्याओं पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है।

खिलाड़ियों और रेफरियों को परेशानी

हाल के हफ्तों में कई ऐसी गंभीर घटनाएं हुई हैं जिनसे अमेरिका के वीजा नियमों पर भारी सवाल उठे हैं। ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को एरिजोना में निर्धारित अपने ट्रेनिंग कैंप से हटाकर सीधे पड़ोसी देश मेक्सिको भेज दिया गया। इसके अलावा ईरान के कुछ बड़े और प्रमुख अधिकारियों को भी अमेरिका का जरूरी एंट्री वीजा नहीं मिलने की अहम खबरें सामने आई हैं। अफ्रीका के मशहूर रेफरी ओमर आर्टन को भी अमेरिका में प्रवेश देने से प्रशासन ने पूरी तरह से मना कर दिया है। अमेरिकी अधिकारियों ने उन पर आतंकवादी संगठनों से जुड़े होने का बहुत ही गंभीर और संगीन आरोप लगाया है। हालांकि अभी तक अमेरिकी सरकार की तरफ से इस संबंध में कोई सार्वजनिक सबूत या कोई विस्तृत जानकारी साझा बिल्कुल नहीं की गई है।

फैंस का वीजा हो रहा रद्द

सोशल मीडिया पर सेनेगल के एक खिलाड़ी की एयरपोर्ट पर सुरक्षा अधिकारियों द्वारा ली गई तलाशी का वीडियो बहुत तेजी से वायरल हुआ था। इसके अलावा मोरक्को और स्कॉटलैंड सहित कई देशों के आम फुटबॉल समर्थकों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इन फैंस ने दावा किया है कि हजारों डॉलर खर्च करने के बाद अचानक उनके यात्रा दस्तावेज या वीजा रद्द कर दिए गए।

इन सभी विवादित घटनाओं के बाद अब अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संस्था फीफा भी लोगों के बड़े सवालों के घेरे में आ गई है। फीफा की मेजबानी शर्तों में साफ कहा गया था कि वीजा प्रक्रिया बिना किसी भेदभाव के बहुत ही सही तरीके से होगी। आलोचकों का कहना है कि यह सब मानवाधिकार नियमों और टूर्नामेंट से पहले किए गए फीफा के पुराने वादों के बिल्कुल ही विपरीत काम हो रहा है।

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