Highlights:
वीरेंद्र सहवाग का टेस्ट क्रिकेट में बड़ा विश्व रिकॉर्ड
100 से कम गेंदों में 7 बार जमा चुके हैं धुंआधार शतक
सहवाग के बाद एडम गिलक्रिस्ट 6 शतकों के साथ दूसरे नंबर पर कायम
गिलक्रिस्ट ही नहीं मैकुलम, वॉर्नर और गेल को भी पछाड़ा
Virender Sehwag Unbreakable Cricket Records: आज 20 अक्टूबर 2026 को सहवाग अपना 48वां जन्मदिन मना रहे हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में हुआ था। उनको खेल जगत में 'नजफगढ़ का नवाब' और 'मुल्तान का सुल्तान' भी कहा जाता है।
विश्व क्रिकेट इतिहास में भारत के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की छवि एक ऐसे धाकड़ खिलाड़ी की रही है, जिन्होंने लाल गेंद के प्रारूप यानी टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी का नया पैमाना तय किया। सहवाग के नाम टेस्ट क्रिकेट में 100 से कम गेंदों पर 7 बार शतक लगाने का एक अनूठा विश्व रिकॉर्ड दर्ज है। उनके इस बेजोड़ रिकॉर्ड के आसपास भी दुनिया का कोई दूसरा बल्लेबाज नहीं पहुंच पाया है।
टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो गेंदबाजों पर दबाव बनाकर 100 से कम गेंदों पर शतक ठोकने के मामले में सहवाग सबसे आगे हैं। इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट 6 शतकों के साथ दूसरे स्थान पर आते हैं।
वहीं, न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम, ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर और वेस्टइंडीज के क्रिस गेल ने 4-4 बार यह कारनामा अंजाम दिया है। इसके अलावा कपिल देव, शाहिद अफरीदी और ब्रायन लारा ने 3-3 बार 100 से कम गेंदों में शतक बनाए हैं।
वीरेंद्र सहवाग के इन 7 तूफानी शतकों पर नजर डालें तो उनका सबसे तेज शतक 2006 में ग्रोस आइलेट में वेस्टइंडीज के खिलाफ आया था, जिसे उन्होंने महज 78 गेंदों में पूरा कर लिया था।
इसके अलावा 2006 में लाहौर में पाकिस्तान के खिलाफ 93 गेंदों में, 2008 में गाले में श्रीलंका के खिलाफ 87 गेंदों में, 2009 में कानपुर में श्रीलंका के खिलाफ 97 गेंदों में, 2010 में कोलकाता में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 87 गेंदों में, 2010 में कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ 90 गेंदों में और 2012 में अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ 90 गेंदों में शतक ठोका था।
वीरेंद्र सहवाग का यह रिकॉर्ड दिखाता है कि वे हर परिस्थिति और हर विरोधी टीम के खिलाफ निर्भीक होकर अपनी स्वाभाविक बल्लेबाजी करते थे। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 3 बार, जबकि पाकिस्तान, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ 1-1 बार 100 से कम गेंदों में शतक जड़कर मैदान पर भारतीय टीम की पकड़ को मजबूत किया।
उनकी इस ताबड़तोड़ बल्लेबाजी शैली ने टेस्ट मैच खेलने के पारंपरिक तरीके को हमेशा के लिए बदलकर रख दिया। वीरेंद्र सहवाग का यह टेस्ट रिकॉर्ड तोड़ना आसान नहीं है। 100 से कम गेंदों में एक-दो बार शतक लगाना आसान कहा जाता है, लेकिन बार-बार यह कारनामा करना उनकी बेखौफ बल्लेबाजी का नमूना पेश करता है। आज उनके जन्मदिन पर उनके इस खास रिकॉर्ड को याद करते हुए लंबी उम्र की कामना की जाती है।