Vaibhav Sooryavanshi Batting against Sri Lanka A: श्रीलंका ए के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने महज 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया है। ट्राई सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला पूरी तरह से खामोश था, लेकिन इस अहम मुकाबले में वो घातक बल्लेबाजी कर रहे हैं। सिर्फ 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर वैभव ने एक बार फिर से अपना कौशल दुनिया को दिखाया है। इससे पहले श्रीलंका ए के कप्तान ने टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी का आमंत्रण दिया था।
भारतीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका 'ए' के खिलाफ खिताबी मुकाबले में इतिहास रच दिया है। वैभव अब वनडे (लिस्ट-ए) क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। इस महारिकॉर्ड को अपने नाम करने के लिए उन्होंने महज 11 गेंदों का सामना किया। इस तूफानी पारी के साथ ही उन्होंने श्रीलंका के पूर्व बल्लेबाज के. वीररत्ने का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 12 गेंदों में यह कारनामा किया था। सीरीज में अपनी पहली फिफ्टी ठोकते ही वैभव ने क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है और ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है जिसे तोड़ पाना किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद मुश्किल होगा।
ट्राई सीरीज का फाइमल मैच आज यानी 21 जून को इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच खेला जा रहा है। ये मुकाबला दोनों टीमों के बीच दांबुला के रणगिरी दांबुला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला हो रहा है। जहां पर श्रीलंका ए के कप्तान ने टॉस जीतकर भारत ए को बल्लेबाजी का आमंत्रण दिया है। इंडिया ए के लिए प्रियांश आर्या और वैभव सूर्यवंशी सलामी बल्लेबाज के रूप में मैदान पर उतरे हैं। खबर लिखे जाने तक भारत ए ने महज 6 ओवर में बिना विकेट खोए 99 रन बना लिए हैं।
दांबुला के रंगीरी दांबुला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में होने वाले त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में जबरदस्त मुकाबले की उम्मीद है। लीग चरण में दोनों टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ एक-एक मैच जीता था, जिससे खिताबी भिड़ंत और भी रोमांचक हो गई है। इस मैच से पहले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर सभी की नजरें टिकी हैं। फिफ्टी पूरा करने के बाद अब फैंस व टीम मैनेजमेंट उनसे शतक की उम्मीद कर रहे हैं।
इंडिया ए की बल्लेबाजी में कप्तान तिलक वर्मा और रुतुराज गायकवाड़ की भूमिका भी बेहद अहम रहने वाली है। दोनों खिलाड़ी बड़े मैचों का अनुभव रखते हैं और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभालने की क्षमता रखते हैं। वहीं, गेंदबाजों से भी अनुशासित प्रदर्शन की उम्मीद होगी, ताकि टीम हर विभाग में बेहतर खेल दिखाते हुए खिताब पर कब्जा जमा सके।
भारत ए: प्रियांश आर्या, वैभव सूर्यवंशी, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), सूर्यांश शिगडे, निशांत सिंधु, अनुकूल रॉय, विप्रज निगम, अशोक शर्मा, यश ठाकुर।
श्रीलंका ए: निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवानिदु फर्नांडो, सदीरा समाराविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), रविन्दु फर्नांडो, वानुजा सहान, मोहम्मद शिराज, विजयकांत वियास्कंथ, दुलज समुदिथा, कुगथास मथुलन।