टेम्बा बावुमा (फोटो-सोशल मीडिया) 
क्रिकेट

WTC Final की जीत के बाद बावुमा ने दिया आलोचकों को करारा जवाब, कहा- अब हमसे कोई...

डब्ल्यूटीसी फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर दक्षिण अफ्रीका ने पहली बार खिताब जीता। कप्तान टेम्बा बावुमा ने कहा कि इस जीत से टीम की काबिलियत पर उठ रहे सवाल खत्म हो गए हैं और आलोचकों को जवाब भी मिल गया।

उज्जवल सिन्हा

लंदन: साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराकर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीत लिया। इस जीत के साथ ही साउथ अफ्रीका ने 27 सालों से चले आ रहे आईसीसी खिताब का सूखा खत्म कर दिया। जीत के बाद टेम्बा बावुमा ने कहा कि खिताब जीतने से उनकी टीम पर उठ रहे सवालों का अंत हो गया है।

27 साल के लंबे इंतजार के बाद दक्षिण अफ्रीका ने आखिरकार एक आईसीसी ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। शनिवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से हराकर पहली बार डब्ल्यूटीसी ट्रॉफी अपने नाम की। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने 1998 में आईसीसी नॉक-आउट ट्रॉफी (जो अब चैंपियंस ट्रॉफी कहलाती है) जीती थी।

ऐसे फाइनल में पहुंची थी साउथ अफ्रीका की टीम

2023-25 डब्ल्यूटीसी चक्र के दौरान दक्षिण अफ्रीका ने बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में जीत दर्ज की। न्यूजीलैंड के खिलाफ हार झेली और भारत के खिलाफ सीरीज ड्रॉ रही। इन परिणामों के आधार पर उन्होंने फाइनल में जगह बनाई। बावुमा ने कहा कि हमने मेहनत से फाइनल में जगह बनाई। लोग यह सवाल कर रहे थे कि हम यहां कैसे पहुंचे। इस जीत ने सबको जवाब दे दिया।

पिछले दो दिन हमारे लिए था बेहद खास

उन्होंने आगे कहा कि पिछले दो दिन हमारे लिए बेहद खास रहे। हमें ऐसा लगा जैसे हम अपने देश में ही खेल रहे हों। हमने बहुत तैयारी की थी और आत्मविश्वास से भरे हुए थे। बावुमा ने यह भी साफ किया कि उनकी टीम ने मजबूत विरोधियों का सामना किया और यह कहना गलत है कि उन्होंने आसान मुकाबले खेले। हम यहां अपने दम पर पहुंचे हैं। यह कहना कि हमने बड़ी टीमों से नहीं खेला, सरासर गलत है। आज हमने ऑस्ट्रेलिया जैसी ताकतवर टीम को हराया है। साउथ अफ्रीका ने रचा इतिहास, ऑस्ट्रेलिया को फाइनल में हराने वाली वर्ल्ड क्रिकेट की चौथी टीम बनी

जीत को शब्द में बयां नहीं कर सकते हैं

बावुमा ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि इस जीत को शब्दों में बयान करना मुश्किल है। हम बहुत खुश हैं। यह जीत हमारे लिए एकता और संकल्प का प्रतीक है। दक्षिण अफ्रीका की टीम कई बार ट्रॉफी के करीब पहुंचकर चूकती रही है, लेकिन इस बार उन्होंने इतिहास रच दिया। कप्तान को उम्मीद है कि यह सफलता आगे कई और जीतों का रास्ता खोलेगी।

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