Mohammed Shami Wickets Records: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह कुछ खास नहीं है। बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा की, जिसमें शमी को शामिल नहीं किया गया। इससे पहले ही वह टेस्ट और टी20 टीम से बाहर चल रहे थे। अब वनडे टीम से भी उनका नाम गायब होना उनके भविष्य पर सवाल खड़े कर रहा है।
शमी ने इस साल की शुरुआत में खेले गए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में शानदार प्रदर्शन किया था। टूर्नामेंट में वह भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने अपने पहले ही मैच में बांग्लादेश के खिलाफ 5 विकेट झटके थे। इसके बाद सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के तीन प्रमुख बल्लेबाजों को आउट किया और फाइनल में भी एक विकेट हासिल किया था। उनकी स्विंग और लाइन-लेंथ ने विरोधी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया, जिसके चलते भारत ने खिताब अपने नाम किया।
हालांकि, इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए उन्हें नजरअंदाज कर दिया। मोहम्मद शमी का आखिरी टेस्ट मैच जून 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया था, जबकि टी20 में उन्हें 2022 के बाद केवल दो मैचों का मौका मिला। अब वनडे टीम से बाहर होना यह संकेत दे रहा है कि चयनकर्ता भविष्य की टीम को युवा गेंदबाजों के इर्द-गिर्द तैयार करना चाहते हैं।
वनडे फॉर्मेट में मोहम्मद शमी के आंकड़े बताएं तो वह भारत के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक हैं। उन्होंने अब तक 108 वनडे मैचों में 206 विकेट झटके हैं। खास बात यह है कि उन्होंने वनडे में 6 बार पांच या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं। यह उपलब्धि किसी भी अन्य भारतीय गेंदबाज के पास नहीं है। 2023 विश्व कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका 7 विकेट वाला स्पेल आज भी भारतीय क्रिकेट की यादगार पारी में गिना जाता है।
मोहम्मद शमी ने 2013 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था, और अपने पहले ही मैच में चार मेडन ओवर फेंके थे। उनके शुरुआती दो ओवर लगातार मेडन रहे, जो किसी भी तेज गेंदबाज के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। अब तक खेले गए 197 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनके नाम 462 विकेट दर्ज हैं, जिससे वह भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाजों में पांचवें स्थान पर हैं।
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चाहे फिटनेस या टीम बैलेंस की वजह से उन्हें बाहर किया गया हो, लेकिन मोहम्मद शमी का अनुभव और रिकॉर्ड यह साबित करते हैं कि वह अब भी किसी भी टीम के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या चयनकर्ता उन्हें आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में दोबारा मौका देंगे या ये ही उनकी वनडे टीम से उनकी विदाई का संकेत साबित होगा?