सीएम फडणवीस और दिव्या (फोटो-सोशल मीडिया)  
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वर्ल्ड चेस चैंपियन दिव्या को सम्मानित करेगी महाराष्ट्र सरकार, CM फडणवीस का ऐलान

CM Devendra Fadnavis congratulates Divya Deshmukh: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने फिडे महिला वर्ल्ड कप का खिताब जीतने वाली दिव्या देशमुख को बधाई दी है।

उज्जवल सिन्हा

Daughter of Nagpur Divya Deshmukh: नागपुर की दिव्या देशमुख ने फिडे महिला वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। दिव्या ने अपने ही हमवतन कोनेरू हम्पी को टाईब्रेकर में हराया। दिव्या की इस जीत के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बधाई दी है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को नागपुर की दिव्या देशमुख को फिडे महिला शतरंज विश्व कप 2025 जीतने के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह इस शहर और राज्य के लोगों के लिए गर्व का क्षण है। फडणवीस ने नागपुर में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महाराष्ट्र सरकार 19 वर्षीय ग्रैंडमास्टर को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए सम्मानित करेगी।

CM फडणवीस ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बड़ी खुशी का क्षण है कि नागपुर और महाराष्ट्र की बेटी दिव्या देशमुख ने महिला विश्व कप जीता है और साथ ही ग्रैंडमास्टर का नॉर्म भी हासिल किया है। वह इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खिताब जीतने वाली सबसे कम उम्र की शतरंज खिलाड़ी हैं। दिव्या ने भारतीय खिलाड़ियों के फाइनल में सोमवार को अनुभवी कोनेरू हम्पी को टाई-ब्रेकर तक चले मुकाबले में हराकर विश्व कप का खिताब जीता। वह शतरंज खिलाड़ी महिला विश्व कप जीतने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गईं।

फडणवीस ने हम्पी को भी दी बधाई

फडणवीस ने हम्पी को भी बधाई देते हुए कहा कि मैं हम्पी को भी बधाई देना चाहता हूं, क्योंकि वह भी बहुत अच्छी खिलाड़ी हैं। नागपुर और महाराष्ट्र के लोगों के लिए यह बड़े गर्व का क्षण है कि हमारी बेटी (दिव्या देशमुख) इतनी कम उम्र में ग्रैंडमास्टर बन गई है। दिव्या देशमुख के परिवार के सदस्यों ने उनकी उपलब्धि की सराहना की और कहा कि उन्होंने परिवार, नागपुर, महाराष्ट्र और भारत को गौरवान्वित किया है।

इस चैंपियन खिलाड़ी की चाची स्मिता देशमुख ने पत्रकारों से कहा कि हम बहुत खुश हैं कि दिव्या ने हमारे परिवार, नागपुर और भारत को गौरवान्वित किया है। भारत ने इतने सालों बाद यह महिला शतरंज विश्व कप जीता है। हम भगवान को धन्यवाद देना चाहते हैं। उनके माता-पिता की इतने सालों की कड़ी मेहनत आखिरकार रंग लाई है।

उन्होंने कहा कि हमारी खुशी का ठिकाना नहीं है और हमारे खुशी के आंसू रुक नहीं रहे हैं। हम चाहते हैं कि दिव्या भविष्य में और अधिक सफलता प्राप्त करें और भारत को गौरवान्वित करें। हम उनके घर लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। (भाषा इनपुट के साथ) 

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