फारूक अब्दुल्ला (फोटो-सोशल मीडिया) 
क्रिकेट

JKCA Scam Case में फारूक अब्दुल्ला को मिली राहत, CJM श्रीनगर ने गैर-जमानती वारंट वापस लिया

JKCA Scam Case: जेकेसीए स्कैम में फारूक अब्दुल्ला पर गैर-जमानती वारंट वापस लिया गया। मेडिकल स्थिति और हालिया जानलेवा हमले के बाद कोर्ट ने उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए यह आदेश दिया।

उज्जवल सिन्हा

Jammu and Kashmir Cricket Association corruption: जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) स्कैम केस में जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने के कुछ ही घंटों बाद, चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) श्रीनगर ने गुरुवार को वारंट वापस ले लिया।

सीजेएम ने रिकॉल आदेश में कहा कि एक दिन पहले हुए जानलेवा हमले के बाद अब्दुल्ला की स्थिति को देखते हुए यह फैसला किया गया । इससे पहले सीजेएम ने गैर-जमानती वारंट जारी किया था क्योंकि अब्दुल्ला न तो व्यक्तिगत रूप से और न ही ऑनलाइन अदालत में पेश हुए थे।

फारूक अब्दुल्ला नहीं कर सकते ट्रैवल

अब्दुल्ला के वकील इश्तियाक खान ने वारंट वापस लेने की मांग करते हुए एक एप्लीकेशन दी, जिसमें कहा गया कि मेडिकल कंसल्टेंट्स ने उन्हें बीती रात जम्मू में उन पर हुए जानलेवा हमले के बाद कहीं भी ट्रैवल न करने की सलाह दी थी। वकील ने एप्लीकेशन में कहा, "फिजिकल और साइकोलॉजिकल आफ्टर-शॉक ने आवेदक की पहले से मौजूद मेडिकल कंडीशन को बहुत ज्यादा खराब कर दिया है, जिसमें ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव और दिल की परेशानी शामिल हैं।"

रिस्ट्रिक्टेड सिक्योरिटी प्रोटोकॉल में हैं अब्दुल्ला

खान ने आगे कहा कि हमले के बाद, अब्दुल्ला को सख्त क्लिनिकल ऑब्जर्वेशन और रिस्ट्रिक्टेड सिक्योरिटी प्रोटोकॉल में रखा गया है। मेडिकल कंसल्टेंट्स ने जम्मू और श्रीनगर के बीच किसी भी यात्रा, खासकर हवाई या सड़क यात्रा पर सख्ती से रोक लगा दी है, क्योंकि इससे उनकी जान और सेहत को गंभीर खतरा हो सकता था। उन्होंने कहा, "इन मुश्किल हालात को देखते हुए, आवेदक गुरुवार को कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हो सका।"

कोर्ट ने पहले अब्दुल्ला की व्यक्तिगत रूप से पेशी से छूट की एप्लीकेशन को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने एक और आरोपी, मंजूर गजनफर अली की छूट की एप्लीकेशन भी खारिज कर दी थी और उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट का आदेश दिया था।

CBI ने गबन को लेकर फाइल की थी चार्जशीट

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने पहले फारूक अब्दुल्ला समेत कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी। सीबीआई की जांच जेकेसीए के अंदर हुए गबन पर केंद्रित थी, जिसमें आरोप थे कि अब्दुल्ला के अध्यक्ष रहने के दौरान क्रिकेट के विकास के लिए रखे गए फंड का गलत इस्तेमाल किया गया था। अब्दुल्ला के अलावा, दूसरे आरोपियों में जेकेसीए के पूर्व अधिकारी अहसान अहमद मिर्जा, मोहम्मद सलीम खान और बशीर अहमद मिसगर शामिल थे।

फिलहाल यह केस चल रहा है, जिसमें सीबीआई ने कई करोड़ के फंड के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए चार्जशीट फाइल की है। वित्तीय कुप्रबंधन की जांच के बाद, हालिया कोर्ट की कार्रवाई ट्रायल की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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