एमसीए में दर्शकों ने किया हंगामा (फोटो-सोशल मीडिया) 
क्रिकेट

IND vs NZ: दूसरे टेस्ट में दर्शकों ने किया हंगामा, दुनिया के सबसे बड़े बोर्ड से हुई सबसे बड़ी गलती

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में बड़ा बवाल हो गया। सीरीज का दूसरा मैच पुणे में खेला जा रहा है।

उज्जवल सिन्हा

स्पोर्ट्स डेस्क : भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में बड़ा बवाल हो गया। सीरीज का दूसरा मैच पुणे में खेला जा रहा है। इस मैच के दौरान दर्शकों के एमसीए के खिलाफ नारेबारी शुरू कर दी। पानी नहीं मिलने के कारण दर्शक काफी गुस्सा हो गए और इसी बीच दर्शक दीर्धा में हलचल मच गई।

दर्शकों के उग्र होता देख एमसीए ने इसके लिए माफी मांगी। महाराष्ट्र क्रिकेट संघ (एमसीए) स्टेडियम के अधिकांश हिस्से में छत नहीं है और धूप में बैठे प्रशंसक जब पहले सत्र के खेल के बाद पानी लेने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि पानी की बोतलें उपलब्ध नहीं हैं। पानी के लिए बूथ पर भीड़ बढ़ती गई और कुछ देर इंतजार करने के बाद प्रशंसक एमसीए के खिलाफ नारे लगाने लगे।

इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभालते हुए पानी की बोतलें बांटनी शुरू कर दी। एमसीए सचिव कमलेश पिसल ने बाद में मीडिया से कहा, ‘‘हम सभी प्रशंसकों से असुविधा के लिए माफी मांगते हैं। हम सुनिश्चित करेंगे कि आगे सब कुछ ठीक रहे। हमने पानी की समस्या का समाधान पहले ही कर लिया है।" उन्होंने कहा कि इस बार हमने दर्शकों के लिए ठंडा पानी देने का फैसला किया था, लेकिन इसमें कुछ दिक्कतें आईं और लंच ब्रेक के दौरान कुछ स्टॉल पर पानी खत्म हो गया था क्योंकि कुछ जगह काफी भीड़ थी।

उन्होंने कहा कि पानी की पूर्ति करने में हमें 15-20 मिनट लग गए। इसलिए इसमें देरी हो गई। दर्शकों के हमने फ्री में बोतल देने का फैसला किया है। यह हिल एंड में मीडिया और कमेंट्री सेंटर के पास हुआ। हालांकि स्थिति ज्यादा खराब नहीं हुआ। ऐसा इसलिए भी हुआ क्योंकि शहर के बाहरी इलाके से आने में ट्रैफिक का सामना करना पड़ा। जिसके कारण देर हो गई। हालांकि सभी तरह की चीजों को चायकाल तक नियंत्रण में कर लिया गया था।

जंतर-मंतर हिंसा से दिल्ली पुलिस ने ली सीख, तैयार किया नया प्लान, अब हर बड़े प्रदर्शन पर ऐसे रखी जाएगी पैनी नजर

2027 की जनगणना से पहले राहुल गांधी और खड़गे ने PM मोदी को लिखा पत्र, जाति के आंकड़ों पर उठाए सवाल

6 साल में 41 मासूमों की मौत; अमरावती से झांसी तक अस्पताल बने आग का गोला, लेकिन एक भी दोषी को नहीं हुई सजा

मनुस्मृति पर राहुल गांधी के बयान पर भड़के जगद्गुरु अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- हिंदू धर्म विरोधी मानसिकता त्यागें

जहरीला धतूरा बेच रहे थे अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट, FSDA ने सस्पेंड किया फूड लाइसेंस, हड़कंप