स्पोर्ट्स डेस्क, नवभारत: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले भारत को बड़ा झटका लगा है। ऐसा माना जा रहा है कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को पदकों का सूखा झेलना पड़ सकता है, क्योंकि 2026 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स से क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती और शूटिंग जैसे कई खेलों को बाहर कर दिया गया है। यह वो खेल है, जिसमें भारत के शानदार खिलाड़ी भाग लेते थे और पदक अपने नाम करते थे।
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से 02 अगस्त के बीच होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के 23वें संस्करण खेला जाएगा। जिसमें केवल 10 खेल ही शामिल किए जाएंगे। कम बजट के कारण अन्य खेलों को कॉमनवेल्थ गेम्स से हटा दिया गया। आपको बता दें कि 12 साल बाद ग्लासगो एक बार फिर कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है। इससे पहले 2014 में भी ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स खेले गए थे।
हॉकी का खेलों से बाहर होना भारत के लिए बड़ा झटका होगा। भारत की पुरुष टीम ने तीन रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं, जबकि महिला टीम ने 2002 के खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण सहित तीन पदक जीते हैं। बैडमिंटन में भारत ने 10 स्वर्ण, आठ रजत और 13 कांस्य पदक सहित कुल 31 पदक जीते हैं। भारत ने निशानेबाजी में 135 पदक जीते थे जिसमें 63 स्वर्ण, 44 रजत और 28 कांस्य शामिल हैं। कुश्ती प्रतियोगिता में देश को 114 पदक मिले हैं जिसमें 49 स्वर्ण, 39 रजत और 26 कांस्य शामिल हैं।
वहीं क्रिकेट को 2022 में राष्ट्रमंडल खेलों में फिर से शामिल किया गया जिसमें भारतीय महिला टीम ने रजत पदक जीता। पैरा एथलीट 2002 से इन खेलों का हिस्सा रहे हैं और अगले खेलों में भी बने रहेंगे।
जानकारी के लिए बता दें कि पहले विक्टोरिया के पास राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन का अधिकार था, लेकिन वित्तीय बाधाओं के कारण पिछले साल उन्होंने पीछे हट गए और फिर ग्लासगो आगे आया।