BCCI 'Not Satisfied' With Rajasthan Royals Manager: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने शुक्रवार (7 अप्रैल) को पुष्टि करते हुए कहा कि बोर्ड और उसकी एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर द्वारा IPL 2026 मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर दिए गए स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हैं।
BCCI के प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया (PMOA) से जुड़े नियमों के तहत मैदान और डगआउट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग केवल अधिकृत व्यक्तियों तक सीमित है। हालांकि टीम मैनेजर को फोन रखने की अनुमति होती है, लेकिन उसका उपयोग आमतौर पर ड्रेसिंग रूम तक ही सीमित माना जाता है।
यह मामला तब सामने आया जब गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मुकाबले के दौरान रोमी भिंडर को डगआउट में फोन का इस्तेमाल करते हुए देखा गया। उस समय उनके पास वैभव सूर्यवंशी बैठे हुए थे और वे फोन की स्क्रीन की ओर देख रहे थे, जिससे विवाद पैदा हुआ। इस घटना के बाद BCCI की तरफ से जांच की गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान रॉयल्स के अधिकारियों ने अनौपचारिक रूप से दावा किया कि भिंडर नियमों से अवगत थे, लेकिन वे मेडिकल कारणों से डगआउट में फोन साथ लेकर गए थे। बताया गया कि उन्हें कुछ स्वास्थ्य समस्याएं थीं, जिसके कारण उन्हें लंबे समय तक चलने में कठिनाई होती है।
हालांकि, BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि जांच और स्पष्टीकरण के बाद बोर्ड और ACSU इस जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन है और भिंडर को पहले ही नोटिस जारी किया गया था, जिसके जवाब के लिए उन्हें 48 घंटे का समय दिया गया था।
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सैकिया ने आगे बताया कि यह उनका पहला उल्लंघन था, इसलिए नियमों के तहत रोमी भिंडर पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और उन्हें भविष्य में अधिक सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला सभी संबंधित हितधारकों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जाना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन न करे और खेल की गरिमा बनी रहे।
वहीं, वैभव सूर्यवंशी को इस मामले में किसी भी तरह की सजा नहीं दी गई है। BCCI ने स्पष्ट किया है कि उनकी इसमें कोई गलती नहीं पाई गई है। बोर्ड का मानना है कि सूर्यवंशी को केवल नियमों की बेहतर जानकारी देने की आवश्यकता है, जिसे लेकर राजस्थान रॉयल्स मैनेजमेंट को निर्देश दिए जाने की उम्मीद है।