लॉर्ड्स: भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मुकाबले में उपकप्तान और विकेटकीपर ऋषभ पंत चोट के कारण मैदान से बाहर हो गए हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बताया कि पंत के बाएं हाथ की तर्जनी उंगली में चोट लग गई, जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। फिलहाल वे बीसीसीआई के मेडिकल टीम की निगरानी में हैं।
ऋषभ पंत को चोट पहले दिन के दूसरे सेशन के दौरान लगा। जिसके बाद विकेटकीपिंग के लिए ध्रुव जुरेल को आना पड़ा। उसके बाद से ही बीसीसीआई की मेडिकल टीम पंत की चोट पर नजर रखे हुए है और उनकी वापसी को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक समय सीमा तय नहीं की गई है।
बीसीसीआई द्वारा जारी बयान में कहा गया कि टीम इंडिया के उप-कप्तान ऋषभ पंत के बाएं हाथ की तर्जनी उंगली में चोट लगी है। उनका इलाज चल रहा है और वे मेडिकल टीम की निगरानी में हैं। ऋषभ की अनुपस्थिति में ध्रुव जुरेल विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
घटना मैच के 34वें ओवर में हुई जब तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह की एक गेंद को पंत ने लेग साइड में डाइव लगाकर रोकने की कोशिश की। गेंद को रोकते समय उनके हाथ में चोट लग गई। पंत ने गेंद को छुआ जरूर, लेकिन पूरी तरह रोक नहीं सके। इसके बाद वे दर्द से कराहते नज़र आए और खेल कुछ देर के लिए रोकना पड़ा।
मैदान पर ही उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन चोट गंभीर प्रतीत होने के कारण वह आगे विकेटकीपिंग नहीं कर पाए और बुमराह का ओवर खत्म होते ही मैदान से बाहर चले गए। उनकी जगह ध्रुव जुरेल ने विकेट के पीछे की जिम्मेदारी संभाली, हालांकि वे तीसरे टेस्ट की अंतिम एकादश में शामिल नहीं थे।
ग्लैंड की पहली पारी के 13वें ओवर की तीसरी गेंद पर पंत ने अपनी दाईं ओर बढ़कर बेन डकेट का कैच लपका और उसी ओवर की आखिरी गेंद पर उन्होंने जैक क्रॉली का कैच लपका। क्रॉली का कैच लेकर ऋषभ पंत ने अपना नाम इतिहास में दर्ज करवा लिया है। अब उनके नाम इंग्लैंड में खेले गए टेस्ट मैचों में किसी एशियाई विकेटकीपर द्वारा सर्वाधिक कैच लेने का रिकॉर्ड है।
12 टेस्ट मैचों में, पंत ने इंग्लैंड में भारत के लिए 40 कैच लपके हैं। पाकिस्तान के कामरान अकमल अब नौ टेस्ट मैचों में 39 कैच के साथ दूसरे और एमएस धोनी 12 टेस्ट मैचों में 36 कैच के साथ तीसरे स्थान पर हैं।