Cafu Inspires Young Mumbai Girls Through Football: ब्राजील के पूर्व दिग्गज फुटबॉलर और 2 बार विश्व कप विजेता टीम के कप्तान रहे काफू ने शनिवार को मुंबई की जरूरतमंद युवा लड़कियों के साथ फुटबॉल मैदान पर समय बिताया। उन्होंने खिलाड़ियों को फुटबॉल के गुर सिखाने के साथ खेल और शिक्षा के जरिए अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया।
काफू ने मुंबई के ड्रीमिंग इन स्लम्स फाउंडेशन की युवा खिलाड़ियों के साथ एक मैत्री मैच में हिस्सा लिया। ये फाउंडेशन जरूरतमंद शहरी समुदायों की 6 से 16 साल की लड़कियों के साथ काम करता है और फुटबॉल के जरिए उनमें आत्मविश्वास, जीवन कौशल और आगे बढ़ने के अवसर पैदा करने की कोशिश करता है।
काफू ने कहा कि फुटबॉल बच्चों के बेहतर भविष्य में बड़ी भूमिका निभा सकता है। उनके मुताबिक, खेल बच्चों को शिक्षा, सामाजिक जुड़ाव और भविष्य के लिए जरूरी अनुभव देता है। उन्होंने खेल और स्कूल की पढ़ाई को साथ लेकर चलने को बेहतर रास्ता बताया।
युवा खिलाड़ियों से मुलाकात के बाद काफू ने कहा कि वो भारत आकर बेहद खुश हैं। उन्होंने लड़कियों से मिले प्यार और सम्मान को अपने लिए खास अनुभव बताया।
भारत में फुटबॉल के विकास को लेकर काफू ने कहा कि देश हर साल खेलों, खासकर फुटबॉल में ज्यादा निवेश कर रहा है। उनका मानना है कि अगर भारत निवेश जारी रखता है और अच्छे पेशेवर खिलाड़ियों को तैयार करता है, तो देश में दुनिया की मजबूत फुटबॉल टीमों में शामिल होने की क्षमता है।
काफू के साथ मैदान पर खेलने वाली युवा खिलाड़ियों के लिए ये अनुभव खास रहा। खिलाड़ी सोनाली यादव ने बताया कि वो एक मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं और उनके पिता ऑटो चालक हैं। सोनाली ने कहा कि एक एनजीओ के जरिए उन्हें फुटबॉल खेलने का मौका मिला। काफू के संदेश और उनकी प्रेरणा ने उन पर गहरी छाप छोड़ी।
सोनाली यादव कि काफू ने खिलाड़ियों को कभी हार नहीं मानने की सलाह दी। उन्होंने अपने करियर में मिली असफलताओं के बावजूद आगे बढ़ने की बात समझाई। काफू ब्राजील की 1994 और 2002 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं। सोनाली ने कहा कि उनका सपना राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है।