निशानेबाज फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
नवभारत विशेष

Navbharat Nishanebaaz: SIR के प्रति रखो सम्मान, नाम काट देना उनका है काम

Sir Word History: सर शब्द को लेकर निशानेबाज ने गुरुजी से लेकर ब्रिटिश दौर की उपाधि और 1993 की फिल्म तक कई संदर्भ गिनाए। बातचीत में उर्दू में ‘सर’ के अर्थ और इससे जुड़ी कहावतों का भी जिक्र हुआ।

अंकिता पटेल

Sir Word Meaning History: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, हम जब तक नगरपालिका की प्राइमरी स्कूल में थे, तब अपने शिक्षक को गुरुजी कहते थे। जब मिडल स्कूल में गए तो हम अपने सारे शिक्षकों को 'सर' कहने लगे। अंग्रेजी बोलनी हो तो यस सर, नो सर, वेरी गुड सर बोलना सीख लो, काम चल जाएगा। ब्रिटिश शासनकाल में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर, आशुतोष मुखर्जी, सीवी रमन, जगदीशचंद्र बोस, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और श्रीनिवास शास्त्री जैसे विद्वानों को 'सर' की उपाधि दी गई थी। जलियांवाला बाग के नरसंहार के विरोध में टैगोर ने 'सर' की उपाधि लौटा दी थी। अंग्रेजी पत्रलेखन में हर छात्र को डियर सर या रिस्पेक्टेड सर लिखना सिखाया जाता है। 1993 में नसीरुद्दीन शाह, पूजा भट और परेश रावल की फिल्म आई थी जिसका नाम भी 'सर' था।'

हमने कहा, 'आज आप 'सर' शब्द पर इतनी चर्चा क्यों कर रहे हैं? उर्दू में सर करने का मतलब फतेह करना या जीत हासिल करना होता है। कहा जाता है किला सर कर लिया। कुछ लोगों की आदत बिना सर-पैर की बातें करने की होती है। कहावत है- सर बड़ा सरदार का, पैर बड़ा गंवार का।'

SIR पर बढ़ी चिंता, वोटर लिस्ट से नाम कटने पर सवाल

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, सर शब्द को लेकर इतना शीर्षासन करने की जरूरत नहीं! इस समय सर का अर्थ करने की जरूरत नहीं! इस समय सर का अर्थ SIR बदल गया है। एसआईआर का मतलब स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन है। हिंदी में इसे मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कहेंगे। इसके जरिए चुनाव आयोग दिवंगत और अपने रहने का स्थान बदलकर अन्यत्र चले गए लोगों का नाम काटकर मतदाता सूची से बाहर कर रहा है। बंगाल, बिहार में ऐसे करोड़ों नाम काटे जा चुके हैं। इससे अल्पसंख्यकों और आदिवासियों में भय है कि उनका नाम वोटर लिस्ट से हट गया तो वह सरकारी सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित कर दिए जाएंगे।'

SIR में दस्तावेजों की शर्त, गरीबों के वोट पर चिंता

हमने कहा, 'जैसे परिवार नियोजन होता है, वैसे ही मतदाता नियोजन भी हो रहा है। वोटर लिस्ट बहुत फूल गई थी। उसे पतली और व्यवस्थित किया जा रहा है। जिसके पास डॉक्यूमेंट नहीं हैं, समझो वह गया काम से। मान लीजिए कि किसी व्यक्ति का जन्म अस्पताल की बजाय घर में हुआ। वह कम पढ़ा लिखा है और एसएससी पास नहीं कर पाया। उसके पास बर्थ सर्टिफिकेट, 10वीं पास करने का प्रमाणपत्र नहीं है। वह बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का निवासी है जहां मकान व सारा सामान बाढ़ में बह जाता है तो डॉक्यूमेंट कहां से लाएगा? कंस्ट्रक्शन और ईंट भट्टे पर काम करने वाले मजदूरों के पास तो कुछ भी नहीं होता।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज 'सर' का मिजाज बहुत सख्त है। वह ऐसे बहाने सुनने को तैयार नहीं हैं। जिसके पास डॉक्यूमेंट नहीं, वह वोटर नहीं!'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा

IMD Rain Alert: बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन, ओडिशा-आंध्र समेत कई राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट

AI तकनीक ने दी आयुष्मान योजना को उड़ान, भारत में 33% आबादी को लाभ; योजना के 8 साल पूरे

दिल्ली में SIR प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, वोटरों का भरोसा बढ़ाने के लिए EC को कदम उठाने का निर्देश

आयुष्मान भारत योजना के 8 साल पूरे, 12.69 करोड़ अस्पताल भर्ती मामलों को मंजूरी, जानें कितनी सफल रही PM-JAY

याचना नहीं अब रण होगा...बिहार के किसान परिवार से निकला वो लड़का, जिसकी कविताओं से थरथराती थी अंग्रेजी सरकार