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क्या सिर्फ रात में ही डर? दिन में भारी भीड़ से कोई खतरा नहीं

अन्य राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 108 केसेस हैं.

नवभारत डेस्क

कोरोना के नया वैरिएंट ओमिक्रान देश के 17 राज्यों में फैल गया है. भारत में ओमिक्रान के मामले 438 तक पहुंच गए हैं. अन्य राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 108 केसेस हैं. बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार ने रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कफ्र्यू लागू कर दिया है जिसके मुताबिक इस अवधि में संपूर्ण राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर 5 से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं हो सकेंगे.

विवाह समारोह में बंद हॉल में 100 तथा लॉन जैसी खुली जगह पर 250 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे. अन्य सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों में भी इसी प्रकार की रोक है. यह तो ठीक है कि न्यू ईयर का जश्न मनाने बड़ी तादाद में रात को बाहर निकलनेवालों पर नाइट कफ्र्यू से बंधन लगा रहेगा लेकिन कोरोना संक्रमण का अंदेशा तो 24 घंटे बना रहता है. राज्य सरकार ने नाइट कफ्र्यू तो लागू करवा दिया लेकिन दिन में सड़कों व बाजारों में उमड़नेवाली भीड़ से क्या कोई खतरा नहीं है? क्या कोरोना का खतरा सिर्फ रात में ही रहता है? मुंबई तथा अन्य महानगरो में रात को चहल पहल रहती है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लोग ठंडभरी रात में अपने घरों में रहते हैं और ज्यादा हलचल नहीं देखी जाती.

वैसे 50 प्रतिशत क्षमता के साथ होटल, रेस्टॉरेंट, जिम, स्पा, सिनेमाघरों को अनुमति दी गई है लेकिन जब वहां से लोग एक साथ बाहर निकलेंगे तो सोशल डिस्टंसिंग कैसे रहेगी और 5 से ज्यादा लोगों के एकत्रित होने का नियम टूटेगा. सावधानी रखना अत्यावश्यक है क्योंकि 18 प्रतिशत की रफ्तार से कोरोना संक्रमण में वृद्धि हुई है तथा मरनेवालों की तादाद भी बढ़ रही है. विदेश से आनेवाले अपने साथ संक्रमण लेकर आ रहे हैं. मुंबई, पुणे में संक्रमण ज्यादा देखा जा रहा है.

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