Cabinet Reshuffle Satire Column: मंत्री को थका-हारा, परेशान और निढाल देखकर उसकी पत्नी ने पूछा, 'आज आपका हसीन चेहरा इतना गमगीन क्यों नजर आ रहा है? कहीं आप पर भी इस्तीफा देने का भारी दबाव तो नहीं आ गया? कहो तो गजल सुना दूं- तुम इतना क्यों मुस्कुरा रहे हो, क्या गम है जिसको छुपा रहे हो!'
मंत्री ने कहा, 'माय डियर, तुम नहीं जानतीं कि हम पर काम का कितना बोझ है। पहले ही ढेर सारे विभागों की जिम्मेदारी हमारे कंधों पर थी, अब उस इस्तीफा देने वाले मंत्री के विभाग का अतिरिक्त भार हमें सौंप दिया गया। वह बड़ा खतरनाक विभाग है। उसे संभालने वाला मंत्री सीधे युवाओं के निशाने पर आ जाता है। उसे डर लगता है कॉकरोच कहीं उसके नाक-कान में न घुस जाएं। सारे मंत्रिमंडल में मैं ही अकेला मिला, जिसे यह दायित्व सौंपा गया।'
पत्नी ने कहा, 'यह आपकी विशेष योग्यता का पुरस्कार है। प्रधानमंत्री ने आप पर भरोसा जताया है। इसके लिए पार्टी तो बनती ही है। मुस्कुराइए कि आप दिल्ली में हैं।'
मंत्री ने कहा, 'लोग आते हैं, लोग जाते हैं, सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं! कंधे पर लदा बोझ हमारे घुटनों पर आएगा। ऐसे में कहीं हम लड़खड़ाकर गिर न जाएं! उम्र के साथ अस्थियां कमजोर होने लगती हैं। हमें डर है कि बोन डेंसिटी कम न हो जाए !
पत्नी ने कहा, 'आप व्यर्थ ही परेशान हो रहे हैं। जब मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में गोल्ड की हैट्रिक लगाते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड तोड़ दिया तो क्या आप मर्द होकर भी एक अतिरिक्त मंत्रालय का भार नहीं उठा सकते?'
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मंत्री ने कहा, 'मीराबाई को राणा ने और प्रल्हाद को हिरण्यकश्यप ने जहर पिलवाया था। जैसे प्रल्हाद विष्णुभक्त था वैसे ही हम भी नमोभक्त हैं इसलिए हमें यह विवादास्पद पेपर लीक वाला विभाग किसी तरह संभालना ही पड़ेगा। हमें फिल्म 'मदर इंडिया' का गीत याद आ रहा है- दुनिया में हम आए हैं तो जीना ही पड़ेगा, जीवन है अगर जहर तो पीना ही पड़ेगा!'
पत्नी ने कहा, 'सारी परेशानी भूल जाइए, सरकार में सारा काम तो सीनियर आईएएस सेक्रेटरी संभालते हैं, मंत्री को सिर्फ फाइल पर साइन करना पड़ता है। इसलिए बोझ की चिंता मत कीजिए। प्रधानमंत्री को पत्र लिख दीजिए कि आपने हमें शिक्षा मंत्रालय का प्रभारी बनाया जिसके लिए हम आभारी हैं। जैसा जमेगा वैसी जिम्मेदारी निभाएंगे !'
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा