रमज़ान और ईद (सौ. Gemini) 
धर्म

सऊदी अरब में रमज़ान और ईद एक दिन पहले क्यों मनाते है? जानें इसके पीछे की असली वजह

Ramzan Date Difference India And Saudi Arabia:चांद दिखने के आधार पर रमज़ान और ईद की तारीख तय होती है, इसलिए सऊदी अरब में यह पर्व कई बार भारत से एक दिन पहले मनाए जाते हैं।

सीमा कुमारी

Why Eid Is Celebrated Earlier In Saudi Arabia: इस्लाम धर्म में सबसे पवित्र यानी पाक महीना रमजान माना जाता है। हर साल रमजान का महीना शुरू होते ही एक सवाल हमेशा लोगों के मन में उठने लगता है कि आखिर सऊदी अरब में रोज़ा पहले क्यों शुरू हो जाता है, जबकि भारत में एक दिन बाद।

जैसे ही चांद दिखने की खबर आती है, सोशल मीडिया पर भी इस विषय पर चर्चा होने लगती है। कुछ लोग इसे समय के अंतर से जोड़ते हैं, तो कुछ इसे धार्मिक नियमों से। आइए आसान शब्दों में समझते हैं इसके पीछे की असली वजह।

आखिर रमजान से पहले चांद देखने की क्यों है परंपरा

इस्लामिक कैलेंडर पूरी तरह चंद्रमा पर आधारित होता है। हर नए महीने की शुरुआत तब मानी जाती है जब नया चांद दिखाई देता है। इसलिए रमजान की शुरुआत भी चांद देखने के बाद ही तय होती है।

सऊदी अरब में पहले क्यों दिखता है चांद?

इस्लामिक धर्म गुरू के अनुसार, पृथ्वी गोल है और अलग-अलग देशों में सूर्यास्त का समय अलग होता है। सऊदी अरब भारत से पश्चिम दिशा में स्थित है, इसलिए वहां सूर्यास्त भारत से पहले हो जाता है। सूर्यास्त के बाद ही नया चांद देखने की कोशिश की जाती है। कई बार वहां चांद दिख जाता है, जबकि उसी समय भारत में अभी चांद दिखाई देने की स्थिति नहीं बनती।

भौगोलिक स्थिति पर निर्भर है

चांद दिखाई देने में स्थान मौसम, आसमान की साफ़ स्थिति और चंद्रमा की ऊंचाई जैसे खगोलीय कारण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए संभव है कि एक देश में चांद दिख जाए और दूसरे देश में न दिखे।

इसी वजह से एक दिन का अंतर

अगर सऊदी अरब में चांद दिख जाता है तो वहां अगले दिन से रमजान शुरू हो जाता है। लेकिन अगर भारत में उसी दिन चांद नहीं दिखता, तो यहां रमजान एक दिन बाद से शुरू होता है। यही कारण है कि दोनों देशों में रोज़ों की शुरुआत अक्सर अलग-अलग दिन होती है।

इस तरह यह अंतर किसी गलती या भ्रम की वजह से नहीं, बल्कि भौगोलिक स्थिति, समय और चांद दिखने की परंपरा के कारण होता है। इसलिए अलग-अलग देशों में रमजान की शुरुआत एक दिन के अंतर से होना बिल्कुल सामान्य माना जाता है।

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