दुर्गा सप्तशती फोटो.सोशल मीडिया
धर्म

Navratri 2026: नवदुर्गा के 9 नाम और देवी कवच का क्या है संबंध? जानिए किस ग्रंथ में मिलता है उल्लेख

Navadurga Names: नवरात्र में पूजी जाने वाली नवदुर्गा के नौ नाम किस ग्रंथ में मिलते हैं? जानिए देवी कवच का दुर्गा सप्तशती से संबंध, इसके महत्व और नौ देवियों के नाम का धार्मिक संदर्भ।

रीता राय सागर

Highlights:

  • नवदुर्गा के नौ नाम देवी कवच में क्रम से बताए गए हैं।

  • देवी कवच में देवी से शरीर और रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

  • दुर्गा सप्तशती का संबंध मार्कंडेय पुराण से है।

Nine Forms of Durga:  नवरात्र में नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। पहले दिन मां शैलपुत्री से लेकर नौवें दिन मां सिद्धिदात्री तक, हर स्वरूप का अपना अलग नाम और धार्मिक महत्व है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवदुर्गा के इन नौ नामों का उल्लेख किस ग्रंथ में मिलता है और देवी कवच का इससे क्या संबंध है?

किस ग्रंथ में मिलते हैं नवदुर्गा के नौ नाम?

देवी के 9 नामों का उल्लेख देवी कवच में मिलता है। दुर्गा सप्तशती का संबंध मार्कंडेय पुराण से है। देवी कवच में देवी के नौ स्वरूपों के नाम क्रम से बताए गए हैं।

ये नौ नाम हैं:

मां शैलपुत्री

मां ब्रह्मचारिणी

मां चंद्रघंटा

मां कूष्मांडा

मां स्कंदमाता

मां कात्यायनी

मां कालरात्रि

मां महागौरी

मां सिद्धिदात्री

क्या है देवी कवच और इसका महत्व?

'कवच' का अर्थ सुरक्षा देने वाले आवरण से होता है। देवी कवच एक स्तोत्र है, जिसमें देवी से शरीर के विभिन्न अंगों और दिशाओं की रक्षा करने की प्रार्थना की जाती है। इसकी शुरुआत ऋषि मार्कंडेय द्वारा ब्रह्माजी से रक्षा के रहस्य के बारे में पूछने के प्रसंग से हुई थी।

दुर्गा सप्तशती के पाठ से पहले देवी कवच, अर्गला स्तोत्र और कीलक स्तोत्र का पाठ किया जाता है। भक्त देवी कवच का पाठ मां दुर्गा की कृपा और सुरक्षा की प्रार्थना के रूप में करते हैं।

दुर्गा सप्तशती और देवी कवच में अंतर

दुर्गा सप्तशती देवी महात्म्य के नाम से भी जानी जाती है। इसमें देवी की महिमा और असुरों पर उनकी विजय से जुड़ी कथाओं का वर्णन मिलता है। देवी कवच इसी पाठ-परंपरा से जुड़ा एक स्तोत्र है, इसमें नवदुर्गा के नामों के साथ देवी से रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

नवरात्र में क्यों खास है नवदुर्गा की पूजा?

नवरात्र के नौ दिनों में देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा शक्ति, साधना, धैर्य और भक्ति के प्रतीक के रूप में की जाती है। नवदुर्गा के नौ रूपों में से हर दिन एक स्वरूप का स्मरण भक्तों को देवी के विभिन्न रूप से जुड़ने का अवसर देता है।

INDIA Bloc Protest LIVE: इंडिया गठबंधन के मार्च का आगाज, राहुल बोले- ज्ञानेश कुमार की नींद उड़ गई है

दिवाली पर दिल्ली में पटाखे जलेंगे या नहीं! सुप्रीम कोर्ट ने हर बातों पर विस्तार से की चर्चा; जानिए अपडेट

कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के खिलाफ FIR दर्ज, JNU की 11 छात्राओं ने लगाए थे आरोप, BJP का प्रदर्शन

जंतर-मंतर अब धरना स्थल नहीं...गृह मंत्रालय की सिफारिश पर बड़ा फैसला, दिल्ली पुलिस ने जारी किया आदेश

CJP से बातचीत से कतरा रही दिल्ली पुलिस! प्रोटेस्ट परमिशन पर सौरव दास के खुलासे से मची हलचल